उत्तराखंड में एडवेंचर टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए आदि कैलाश मैराथन का होगा आयोजन

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 2 नवंबर को प्रस्तावित आदि कैलाश परिक्रमा रन (अल्ट्रा मैराथन) के प्रोमो रन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और इसका लोगो भी लॉन्च किया। यह मैराथन राज्य स्थापना के 25 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित की जा रही है।

इस अल्ट्रा मैराथन का आयोजन साहसिक और शीतकालीन पर्यटन को बढ़ावा देने, युवाओं को स्वस्थ जीवन के लिए प्रेरित करने और नशा मुक्त उत्तराखंड बनाने के उद्देश्य से किया जा रहा है। यह दौड़ 10,300 से 15,000 फीट की ऊंचाई पर होगी, जिससे यह अपने आप में एक अनूठी चुनौती बन जाएगी।

सीमांत क्षेत्रों के विकास को मिलेगा बढ़ावा

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि यह मैराथन सीमावर्ती क्षेत्रों के सामाजिक-आर्थिक विकास, पलायन रोकने, स्थानीय युवाओं को रोजगार से जोड़ने और पर्यटन इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने में मदद करेगी। उन्होंने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वाइब्रेंट विलेज योजना को बढ़ावा देने वाला एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

मैराथन से मिलेंगे कई फायदे

यह सिर्फ एक खेल प्रतियोगिता नहीं है, बल्कि यह सीमावर्ती लोगों को सम्मान, स्थानीय पहचान और होम-स्टे व पर्यटन जैसे क्षेत्रों में स्थायी रोजगार के अवसर भी प्रदान करेगी। इस आयोजन से उत्तराखंड की प्राकृतिक और सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी।

आदि कैलाश मैराथन की श्रेणियां

पर्यटन सचिव धीराज गर्ब्याल ने बताया कि 2 नवंबर, 2025 को गुंजी, पिथौरागढ़ में होने वाली इस मैराथन में देश भर के एथलीट हिस्सा लेंगे। इसमें पाँच श्रेणियां होंगी:
👉60 किमी (अल्ट्रा रन)
 👉42 किमी (फुल मैराथन)
 👉21 किमी (हाफ मैराथन)
👉 10 किमी रन
 👉5 किमी रन
रविवार को हुए प्रोमो रन में शीर्ष 3 विजेताओं को मुख्य मैराथन में भाग लेने का मौका मिलेगा। मैराथन के विजेताओं के लिए कुल ₹50 लाख की पुरस्कार राशि निर्धारित की गई है।

इस मैराथन की सफलता के बाद, जून 2026 में अगली मैराथन का आयोजन माणा-नीति क्षेत्र में प्रस्तावित है। इस आयोजन से उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में पर्यटन और साहसिक गतिविधियों को एक नई दिशा मिलने की उम्मीद है।