सड़कों की धीमी गति पर भड़के जिलाधिकारी, अफसरों को लगाई फटकार; 3 दिन में विधवा पेंशन देने का निर्देश
पिथौरागढ़। कलेक्ट्रेट सभागार में आज आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम में जिलाधिकारी (डीएम) आशीष कुमार भटगांई ने आम जनता की समस्याएं सुनीं। इस दौरान कुल 45 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से अधिकांश का समाधान जिलाधिकारी ने मौके पर ही सुनिश्चित कर दिया। डीएम ने सख्त लहजे में कहा कि जनता की शिकायतों को अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रखा जाएगा, त्वरित निस्तारण प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
जनसुनवाई में पेयजल, बिजली, सड़क, पेंशन, शिक्षा और स्वास्थ्य से संबंधित मामले प्रमुख रहे।
👉 विधवा पेंशन: एक महिला विधवा पेंशन हेतु डीएम से मिलीं, जिस पर भटगांई ने तत्काल जिला परिवीक्षा अधिकारी को तीन दिन के भीतर पेंशन स्वीकृत कर उन्हें सूचित करने के निर्देश दिए।
👉 श्रवण बाधित व्यक्ति: इसी तरह, एक श्रवण बाधित व्यक्ति की समस्या पर जिलाधिकारी ने समाज कल्याण अधिकारी को तुरंत कान की मशीन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
शेष शिकायतों के शीघ्र निस्तारण के लिए संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया गया।
सड़कों के काम में सुस्ती पर भड़के डीएम
जिलाधिकारी ने जनपद की सड़कों की स्थिति की समीक्षा की और गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कार्यदायी संस्थाओं के अधिकारियों को फटकार लगाते हुए निर्देश दिए कि मरम्मत और सुधार कार्यों में तेजी लाएं और कार्य रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
डीएम ने कड़े शब्दों में कहा, “सड़क निर्माण कार्यों में धीमी गति गंभीर लापरवाही है। यदि गति में सुधार नहीं हुआ तो संबंधित अधिकारी स्वयं जिम्मेदार माने जाएंगे और सख़्त कार्रवाई होगी।”
सीएम घोषणा और अखबारों की खबरों पर एक्शन
डीएम ने सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को जनसुनवाई में पूरी तैयारी के साथ उपस्थित रहने और मूलभूत सुविधाओं से संबंधित समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल करने के निर्देश दिए।
स्थानीय मुद्दे: बैठक के बाद, डीएम ने स्थानीय समाचार पत्रों में प्रकाशित जनहित के मुद्दों की समीक्षा की और संबंधित विभागों को तत्काल कार्रवाई कर प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
सीएम हेल्पलाइन: उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री घोषणाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए और सीएम हेल्पलाइन पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों का त्वरित निस्तारण कर शिकायतकर्ता को व्यक्तिगत रूप से फोन कर अवगत कराना सुनिश्चित किया जाए।
सभी विभागों को यह भी निर्देशित किया गया कि जनसुनवाई में प्राप्त शिकायतों की निस्तारित अथवा विचाराधीन स्थिति की रिपोर्ट समय पर जिला कार्यालय को उपलब्ध कराई जाए ताकि नियमित समीक्षा हो सके।
जनसुनवाई कार्यक्रम अपर जिलाधिकारी योगेन्द्र सिंह, उपजिलाधिकारी सदर मनजीत सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

