चंडाक-मैला मोटर मार्ग के काम में देरी पर लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता को लगाई फटकार, प्रस्ताव तुरंत शासन को भेजने को कहां
पिथौरागढ़। जिलाधिकारी आशीष भटगांई ने आज जनपद में चल रहे प्रमुख विकास और निर्माण कार्यों की प्रगति का विस्तृत स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने साफ संदेश दिया कि जनहित के कार्यों में किसी भी प्रकार की ढिलाई या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी विभागों को गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ काम पूरा करना होगा।
डीएम ने सबसे पहले मड़ क्षेत्र में निर्माणाधीन एटीएस (ऑटोमैटिक टेस्टिंग सेंटर) भवन का जायजा लिया। उन्होंने निर्माण की गति और सामग्री की गुणवत्ता की गहन समीक्षा करते हुए कार्यदायी संस्था को सख्त निर्देश दिए कि भवन का निर्माण मार्च 2026 तक हर हाल में पूरा किया जाए और तकनीकी मानकों का सख्ती से पालन हो। उन्होंने बताया कि एटीएस शुरू होने से वाहनों की फिटनेस जांच अत्याधुनिक मशीनों से बहुत कम समय में, बिना मानवीय हस्तक्षेप के हो सकेगी।
मोटर मार्ग के काम में धीमी गति पर नाराजगी
इसके बाद जिलाधिकारी चंडाक–मैला मोटर मार्ग के निरीक्षण पर पहुंचे, जहां उन्होंने सोलिंग, डामरीकरण, दीवार और नाली निर्माण जैसे अवशेष कार्यों की धीमी गति पर गहरी नाराज़गी व्यक्त की। उन्होंने तत्काल लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता दिनेश जोशी को लंबित कार्य तुरंत पूरा करने के निर्देश दिए।
डीएम ने इस बात पर भी गंभीर लापरवाही मानी कि मार्ग से संबंधित प्रस्ताव अब तक शासन को नहीं भेजा गया है। उन्होंने इसे तुरंत भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऑटोमैटिक टेस्टिंग सेंटर शुरू होने के बाद यह मार्ग अत्यंत उपयोगी साबित होगा, इसलिए निर्माण में तेजी लाई जाए।
बेस अस्पताल में हॉस्टल निर्माण और सुरक्षा पर जोर
बेस अस्पताल परिसर में डीएम ने स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति के साथ निर्माणाधीन गर्ल्स और बॉयज हॉस्टल की प्रगति का अवलोकन किया। उन्होंने सभी निर्माण कार्यों को गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध तरीके से पूरा करने का निर्देश दिया।
सबसे महत्वपूर्ण, उन्होंने उस पूर्व निर्मित भवन का भी निरीक्षण किया जिसमें वर्तमान में डायलिसिस यूनिट संचालित है। इस भवन पर भू-स्खलन के खतरे को देखते हुए, उन्होंने कार्यदाई संस्था ब्रिडकुल को निर्माणाधीन सीसीयू (CCU) और सुरक्षा दीवार का निर्माण कार्य तुरंत पूरा करने के निर्देश दिए।
इसके अलावा, डीएम भटगांई ने अस्पताल प्रशासन को मरीजों के साथ आने वाले परिजनों के लिए एक पृथक प्रतीक्षा एवं विश्राम कक्ष विकसित करने को कहा, ताकि उन्हें सुरक्षित और सुविधाजनक ठहराव मिल सके।
निरक्षण में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. दीपक सैनी, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एस.एस. नबियाल, उपजिलाधिकारी सदर मनजीत सिंह, लोक निर्माण विभाग और ब्रिडकुल के अभियंता सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

