गंगोलीहाट/ पिथौरागढ़। आज राष्ट्रीय लोक अदालत का सफल आयोजन किया गया, जिसमें सिविल जज रजनीश मोहन की अध्यक्षता वाली बेंच संख्या 5 (पीठासीन अधिकारी) ने विभिन्न प्रकृति के कुल 43 मामलों का निस्तारण करते हुए एक बड़ी उपलब्धि हासिल की। इस दौरान विभिन्न मामलों में कुल 19 लाख 97 हजार रुपए की वसूली की गई।
बेंच संख्या 5 द्वारा निस्तारित किए गए 43 मामलों में 19 दांडिक मामले और 24 प्री-लिटिगेशन के मामले शामिल थे। दांडिक मामलों की श्रेणी में अपराधिक मामले से संबंधित एक मामला निपटाया गया, जबकि घरेलू हिंसा अधिनियम (12 डी वी एक्ट) के तहत चार मामलों का निपटारा हुआ। मोटरवाहन अधिनियम से संबंधित 14 मामलों का भी निस्तारण किया गया, जिनसे जुर्माने के रूप में सात हजार रुपए वसूले गए।
लोक अदालत में सबसे बड़ी राहत भारतीय स्टेट बैंक (SBI) को मिली। प्री-लिटिगेशन के माध्यम से बैंक के 24 मामलों में समझौता कराया गया, जिससे बैंक को कुल 19 लाख 90 हजार रुपए की वसूली हुई।
न्यायालय के इस प्रयास से पक्षकारों को त्वरित और सहज न्याय मिला। इस अवसर पर कार्यवाही में वरिष्ठ अधिवक्ता जे एस. मेहरा, राजेंद्र सिंह डोबाल, मनोज सिंह रावल तथा न्यायालय के पेशकार संजय कुमार पाठक, वरिष्ठ सहायक राजेंद्र सिंह ऐर, आदेशिका वाहर प्रधूमन सिंह टोलिया व अर्दली जीवन सिंह जरमाल सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

