देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार देवभूमि की सांस्कृतिक, धार्मिक और सामाजिक अस्मिता की रक्षा के लिए पूरी सख्ती के साथ आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि उत्तराखंड केवल एक भौगोलिक इकाई नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था, परंपरा और विश्वास का केंद्र है, जिसकी गरिमा से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जाएगा।

इसी संकल्प के तहत राज्य सरकार ने धर्म और आस्था की आड़ में पाखंड, ठगी, अवैध गतिविधियों और संदिग्ध तत्वों के विरुद्ध “ऑपरेशन कालनेमि” को 10 जुलाई से प्रदेशभर में प्रभावी रूप से लागू किया है। अभियान का उद्देश्य देवभूमि की पवित्रता बनाए रखते हुए कानून-व्यवस्था को मजबूत करना और आमजन के विश्वास की रक्षा करना है।
ऑपरेशन कालनेमि के अंतर्गत हरिद्वार, देहरादून और ऊधमसिंहनगर जैसे संवेदनशील जिलों में व्यापक स्तर पर सत्यापन और प्रवर्तन कार्रवाई की गई। हरिद्वार जनपद में 3,091 व्यक्तियों का सत्यापन किया गया, जिसमें 715 मामलों में अभियोग पंजीकृत करते हुए 305 लोगों को गिरफ्तार किया गया।
देहरादून जनपद में 1,711 व्यक्तियों का सत्यापन हुआ। यहां 206 गिरफ्तारियां की गईं, 9 अभियोग दर्ज किए गए तथा 380 व्यक्तियों के विरुद्ध निरोधात्मक कार्रवाई की गई। साथ ही अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों पर भी कड़ी कार्रवाई की गई।
ऊधमसिंहनगर जनपद में 220 संदिग्ध व्यक्तियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करते हुए गंभीर मामलों में अभियोग पंजीकृत किए गए।
प्रदेश स्तर पर अब तक कुल 4,802 से अधिक व्यक्तियों का सत्यापन, 724 अभियोग पंजीकरण और 511 गिरफ्तारियां की जा चुकी हैं। इसके अलावा अवैध रूप से रह रहे 19 बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें से 10 को डिपोर्ट किया जा चुका है, जबकि शेष मामलों में विधिक प्रक्रिया जारी है।
मुख्यमंत्री धामी ने दो टूक कहा है कि यह अभियान किसी वर्ग या समुदाय के विरुद्ध नहीं है, बल्कि कानून, व्यवस्था और देवभूमि की गरिमा की रक्षा के लिए है। आस्था का पूरा सम्मान किया जाएगा, लेकिन आस्था की आड़ में अपराध, पाखंड और धोखाधड़ी को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि ऐसी गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो। देवभूमि की अस्मिता से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
