पिथौरागढ़ में किसान दिवस: जलवायु आधारित खेती और ट्राउट फिश फार्मिंग पर जोर

पिथौरागढ़। जनपद के किसानों की समस्याओं के समाधान, तकनीकी सशक्तिकरण और जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से विकासखंड विण सभागार में किसान दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कृषक, काश्तकार, कृषि विशेषज्ञ और विभिन्न विभागों के अधिकारी बड़ी संख्या में मौजूद रहे।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिलाधिकारी आशीष भटगांई ने कहा कि किसान दिवस राज्य स्तरीय कार्यक्रम का हिस्सा है, जिसकी शुरुआत मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद चमोली के गौचर से की है। उन्होंने बताया कि जिले की सभी तहसीलों में किसान दिवस आयोजित किए जाएंगे, ताकि किसानों को नई तकनीकों, उन्नत खेती के तरीकों और सरकारी योजनाओं की जानकारी सीधे मिल सके।

जिलाधिकारी ने कहा कि किसान दिवस जैसे मंच किसानों और कृषि विशेषज्ञों के बीच सीधा संवाद स्थापित करते हैं, जिससे समस्याओं का त्वरित समाधान संभव हो पाता है। उन्होंने किसानों से जलवायु आधारित फसलों के उत्पादन, मेडिसिनल प्लांट्स की खेती, सिट्रस फ्रूट उत्पादन, दुग्ध उत्पादन और ट्राउट फिश फार्मिंग को बढ़ावा देने का आह्वान किया। साथ ही आश्वासन दिया कि इन क्षेत्रों में किसानों को तकनीकी सहायता, प्रशिक्षण और वित्तीय सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।राज्यमंत्री गणेश भंडारी, ब्लॉक प्रमुख लक्ष्मी गोस्वामी और इंद्र लूंठी ने भी किसानों को संबोधित करते हुए कृषि से जुड़ी नई योजनाओं और सरकारी लाभों की जानकारी दी। कृषि विज्ञान केंद्र और रेखीय विभागों के विशेषज्ञों ने मिट्टी परीक्षण, उन्नत बीज, जैविक खाद, कीट नियंत्रण और आधुनिक खेती तकनीकों पर किसानों को मार्गदर्शन दिया।

कार्यशालाओं और चर्चा सत्रों में किसानों ने अपने अनुभव साझा किए और स्थानीय कृषि समस्याओं पर विशेषज्ञों से सुझाव प्राप्त किए। किसानों ने इस पहल की सराहना करते हुए ऐसे कार्यक्रमों के नियमित आयोजन की मांग की।

जिलाधिकारी भटगांई ने कहा कि किसान दिवस केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि किसानों और प्रशासन के बीच मजबूत संवाद का माध्यम है, जो आने वाले समय में जनपद के कृषि क्षेत्र को और अधिक समृद्ध बनाएगा। कार्यक्रम में मुख्य कृषि अधिकारी अमरेन्द्र चौधरी भी उपस्थित रहे।