लोहाघाट। विभिन्न स्वीकृत विकास योजनाओं को लेकर क्षेत्र पंचायत सदस्यों द्वारा खंड विकास अधिकारी कार्यालय के बाहर दिया जा रहा अनिश्चितकालीन धरना आज जिलाधिकारी मनीष कुमार के सकारात्मक हस्तक्षेप के बाद समाप्त हो गया। जिलाधिकारी ने स्वयं धरना स्थल पर पहुंचकर क्षेत्र पंचायत सदस्यों के साथ बैठकर उनकी शिकायतें और समस्याएं गंभीरता से सुनीं।

जिलाधिकारी द्वारा जनप्रतिनिधियों को उचित कार्रवाई का भरोसा दिए जाने के बाद आपसी सहमति से धरना समाप्त किया गया। इस दौरान जनप्रतिनिधियों ने क्षेत्र के विकास कार्यों को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता भी जताई।
जिलाधिकारी मनीष कुमार ने खंड विकास अधिकारी लोहाघाट को निर्देश दिए कि उपयोगिता आधारित जनप्रतिनिधियों की कार्य योजनाओं को प्रस्तावों में सम्मिलित किया जाए और क्षेत्र के समग्र एवं संतुलित विकास के लिए प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से अपील की कि क्षेत्र पंचायत (बीडीसी) की गरिमा बनाए रखते हुए अपनी समस्याएं निर्धारित एवं उपयुक्त मंच पर रखें, ताकि उनका समयबद्ध समाधान किया जा सके।
डीएम ने बताया कि क्षेत्र पंचायत से संबंधित सभी प्रस्ताव ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर उपलब्ध हैं। उन्होंने खंड विकास अधिकारी को निर्देश दिए कि प्राप्त सभी प्रस्तावों और मांगों की व्यवहार्यता व उपयोगिता की गहन जांच कर उन्हें आगामी बीडीसी बैठक में प्रस्तुत किया जाए तथा नियमानुसार पारित कराया जाए। साथ ही अविलंब बीडीसी बैठक आयोजित कर सभी प्रस्तावों पर विस्तृत चर्चा सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
इस मौके पर मुख्य विकास अधिकारी डॉ. जी.एस. खाती, खंड विकास अधिकारी कविन्द्र रावत, जिला पंचायत राज अधिकारी महेश कुमार सहित क्षेत्र पंचायत सदस्य और अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
