पिथौरागढ़। जनपद पिथौरागढ़ में नवनिर्मित जिला कारागार को आधुनिक मानकों के अनुरूप विकसित किया गया है। उत्तराखण्ड कारागार विभाग के दिशा-निर्देशों पर तैयार इस कारागार का उद्देश्य बंदियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ सुधारात्मक गतिविधियों का प्रभावी संचालन करना है।

नवगठित जिला कारागार में 03 जनवरी को अनुभव त्रिपाठी ने प्रथम अधीक्षक के रूप में विधिवत रूप से कार्यभार ग्रहण कर लिया है। वे उत्तराखण्ड कारागार विभाग के सबसे युवा अधीक्षक हैं। कार्यभार ग्रहण करने के साथ ही उनके नेतृत्व में कारागार प्रशासन को सुदृढ़ करने तथा सुधारात्मक दृष्टिकोण को प्राथमिकता देने की दिशा में योजनाबद्ध कार्यों की शुरुआत कर दी गई है।
कारागार प्रशासन की ओर से भविष्य में बंदियों के पुनर्वास, कौशल विकास, स्वच्छता व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण, अनुशासित वातावरण के निर्माण एवं आधारभूत सुविधाओं के विस्तार से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव तैयार किए गए हैं। इन प्रयासों का मुख्य उद्देश्य बंदियों को सुधार की प्रक्रिया से जोड़ते हुए उन्हें समाज की मुख्यधारा में पुनः स्थापित करना है।
जिला कारागार, पिथौरागढ़ की एक विशेष उपलब्धि यह है कि यहां इंटरकॉम प्रणाली के माध्यम से बंदियों की उनके परिजनों से मुलाकात की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। यह व्यवस्था वर्तमान में उत्तराखण्ड राज्य में केवल जिला कारागार, पिथौरागढ़ में ही लागू की गई है, जिसे मानवीय एवं पारदर्शी कारागार व्यवस्था की दिशा में एक अभिनव पहल माना जा रहा है।
