टुंडी को आदर्श ग्राम बनाने की कवायद तेज, डीएम ने दिए मिशन मोड में काम के निर्देश

पिथौरागढ़। ग्राम टुंडी के समन्वित विकास को लेकर आज  कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी आशीष भटगांई की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।

बैठक में मुख्य उद्यान अधिकारी ने पीपीटी के माध्यम से कार्ययोजना प्रस्तुत करते हुए बताया कि उद्यान विभाग द्वारा ग्राम टुंडी में कीवी उत्पादन, मशरूम उत्पादन एवं मौन पालन को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके लिए कृषकों का चयन कर लिया गया है तथा कीवी पौधों का रोपण कार्य भी शुरू कर दिया गया है।

मुख्य कृषि अधिकारी अमरेंद्र चौधरी ने बताया कि सिंचाई क्षमता बढ़ाने के लिए लघु सिंचाई विभाग के माध्यम से गूल निर्माण एवं चेकडैम बनाए जा रहे हैं। साथ ही किसानों को जियोलाइन टैंक और फार्म मशीनरी बैंक की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।

सहायक निदेशक मत्स्य डॉ. रमेश चलाल ने जानकारी दी कि मत्स्य पालन को प्रोत्साहित करने के लिए छह मत्स्य तालाबों का निर्माण कार्य प्रगति पर है। वहीं पशुपालन विभाग द्वारा 10 किसानों का चयन बकरी पालन तथा डेयरी विभाग द्वारा 10 किसानों का चयन दुग्ध उत्पादन के लिए किया गया है।

मुख्य विकास अधिकारी ने मनरेगा के अंतर्गत पशुशालाओं के निर्माण के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने ग्राम के सौंदर्यीकरण के लिए रास्तों के सुधारीकरण, भवनों पर पेंटिंग और सोलर लाइट लगाने के निर्देश देते हुए ग्रामीण निर्माण विभाग को आगणन तैयार करने को कहा।

जिलाधिकारी ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ मिशन मोड में कार्य कर ग्राम टुंडी को आदर्श ग्राम के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए।

मत्स्य सम्पदा योजना में 33 लाभार्थियों को मिली स्वीकृति

इसी क्रम में प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना के अंतर्गत वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष योजना के तहत आयोजित जिला स्तरीय समिति की बैठक में 33 मत्स्य पालक किसानों के परियोजना प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. दीपक सैनी, उप जिलाधिकारी पिथौरागढ़ मंजीत सिंह सहित कृषि, उद्यान, मत्स्य, पशुपालन, डेयरी एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।