जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार: गाड़गांव और देवलथल में लगे जनसेवा शिविर, 1250 से अधिक लाभार्थियों को मिला लाभ

पिथौरागढ़। शासन के निर्देशों के क्रम में संचालित “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” कार्यक्रम के तहत जनपद पिथौरागढ़ की न्याय पंचायतों में जनसेवा शिविरों का आयोजन लगातार किया जा रहा है। इसी क्रम में विकास खंड मूनाकोट की न्याय पंचायत गाड़गांव तथा विकास खंड कनालीछीना की न्याय पंचायत पुखरोड़ा (देवलथल) में जनसेवा शिविर आयोजित किए गए, जिनमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने सहभागिता की और मौके पर ही विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त किया।

न्याय पंचायत गाड़गांव में राजकीय इंटर कॉलेज मड़मानले में आयोजित शिविर की अध्यक्षता मुख्य विकास अधिकारी डॉ. दीपक सैनी ने की। इस शिविर में 77 जनप्रतिनिधि एवं 66 अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। लगभग 620 नागरिकों ने शिविर में प्रतिभाग किया, जबकि विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत 700 लाभार्थियों को लाभ प्रदान किया गया। शिविर में कुल 73 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 59 का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया, जबकि शेष 14 शिकायतों को संबंधित विभागों को अग्रिम कार्यवाही के लिए भेजा गया।

इसी दिन न्याय पंचायत पुखरोड़ा अंतर्गत राजकीय इंटर कॉलेज देवलथल में आयोजित शिविर की अध्यक्षता उपजिलाधिकारी खुशबू पाण्डेय ने की। इस शिविर में 32 जनप्रतिनिधि एवं 57 अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे। लगभग 419 ग्रामीणों ने सहभाग किया तथा 552 लाभार्थियों को विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत लाभान्वित किया गया। यहां कुल 63 शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें से 51 का मौके पर समाधान किया गया, जबकि 12 शिकायतों को संबंधित विभागों को भेजा गया।

दोनों शिविरों में राजस्व, ग्राम्य विकास, पंचायत राज, कृषि, उद्यान, समाज कल्याण, चिकित्सा स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, आयुष, पशुपालन, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, श्रम, आधार शिविर, डेयरी, मत्स्य, सहकारिता, लोक निर्माण विभाग, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, पेयजल एवं शिक्षा विभाग सहित अनेक विभागों के स्टॉल लगाए गए। स्टॉलों पर वृद्धावस्था, विधवा एवं दिव्यांग पेंशन, परिवार रजिस्टर, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, जॉब कार्ड सहित अन्य आवेदनों को मौके पर ही भरवाया गया।

जन संवाद के दौरान ग्रामीणों ने पेयजल, सड़क, विद्युत लाइन, स्मार्ट मीटर, आंगनबाड़ी केंद्र एवं पंचायत भवन निर्माण जैसी समस्याएं रखीं। अधिकारियों ने समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए। शिविर के समापन अवसर पर अधिकारियों ने जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों से शिविरों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने का आह्वान किया, ताकि अधिक से अधिक पात्र लोगों को सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ मिल सके।