राजस्व और कृषि सुधार कार्यों में पिथौरागढ़ की तेज रफ्तार, अंश निर्धारण व डिजिटल क्रॉप सर्वे में राज्य में दूसरा स्थान

पिथौरागढ़। जनपद में राजस्व एवं कृषि सुधार से जुड़े विभिन्न अभियानों की प्रगति की समीक्षा को लेकर जिलाधिकारी आशीष भटगांई की अध्यक्षता में जिला कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक आयोजित की गई। बैठक में अंश निर्धारण, डिजिटल क्रॉप सर्वे तथा निर्विवाद उत्तराधिकार मामलों के निस्तारण की विस्तृत समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि आम नागरिकों को पारदर्शी, सरल एवं त्वरित सेवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

बैठक में बताया गया कि जनपद के कुल 1635 राजस्व ग्रामों में से 987 ग्रामों में अंश निर्धारण का कार्य पूर्ण हो चुका है, जबकि 648 ग्रामों में कार्य प्रगति पर है। कुल 8 लाख 23 हजार 630 खातेदारों के सापेक्ष 27 जनवरी 2026 तक 5 लाख 67 हजार 234 खातेदारों का अंश निर्धारण पूरा किया जा चुका है। केवल 27 जनवरी को ही 9037 खातेदारों का अंश निर्धारण किया गया। देवलथल एवं कनालीछीना तहसीलों में यह कार्य शत-प्रतिशत पूर्ण कर लिया गया है। अन्य तहसीलों में भी बड़ी संख्या में खातेदारों का अंश निर्धारण किया जा चुका है।

डिजिटल क्रॉप सर्वे (रबी फसल) की प्रगति पर जानकारी देते हुए बताया गया कि जनपद में निर्धारित 328 ग्रामों के सापेक्ष 260 ग्राम आवंटित किए गए हैं। अब तक 16 हजार 554 खसरा नंबरों का डिजिटल सर्वे पूरा हो चुका है। वहीं राज्य स्तरीय डिजिटल क्रॉप सर्वे अभियान के अंतर्गत जनपद में 404 लक्षित ग्रामों के सापेक्ष 83 ग्रामों में सर्वे कार्य प्रारंभ किया जा चुका है। कुल 10 लाख 35 हजार 912 प्लॉट्स में से 14 हजार 244 प्लॉट्स का सर्वे पूर्ण हो चुका है। 27 जनवरी 2026 की प्रगति रिपोर्ट के अनुसार पिथौरागढ़ जनपद राज्य में पौड़ी के बाद दूसरे स्थान पर है।

निर्विवाद उत्तराधिकार मामलों में भी जनपद ने शत-प्रतिशत उपलब्धि हासिल की है। एक जनवरी से 27 जनवरी 2026 तक प्राप्त कुल 386 मामलों में से सभी का निस्तारण कर दिया गया है। वर्तमान में कोई भी मामला लंबित नहीं है। 27 जनवरी को आयोजित शिविरों के माध्यम से आठ मामलों का निस्तारण किया गया तथा 142 ग्रामों में खातेदारों को खतौनी पढ़कर सुनाई गई।

बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने अंश निर्धारण एवं डिजिटल क्रॉप सर्वे कार्यों में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग का यह कोर कार्य अत्यंत महत्वपूर्ण है और इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी उपजिलाधिकारियों एवं तहसीलदारों को निर्देश दिए कि आगामी तीन दिनों में प्रगति में स्पष्ट सुधार सुनिश्चित किया जाए तथा 30 जनवरी तक अपेक्षित सुधार के साथ प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।

जिलाधिकारी ने तहसीलदारों को निर्देशित किया कि पटवारी एवं कानूनगो को युद्ध स्तर पर फील्ड में भेजकर प्रभावी कार्यवाही कराई जाए, ताकि निर्धारित समय-सीमा में लक्ष्य पूरे किए जा सकें। उन्होंने दोहराया कि भविष्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही जनपद की राज्य में शीर्ष स्थिति बनाए रखने और प्रथम स्थान की ओर अग्रसर होने के लिए निरंतर युद्ध स्तर पर कार्य करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में उपजिलाधिकारी युगवेंद्र सिंह, उपजिलाधिकारी सदर जितेंद्र वर्मा, मुख्य कृषि अधिकारी अमरेंद्र चौधरी, तहसीलदार सदर विजय गोस्वामी उपस्थिति रहे, अन्य उपजिलाधिकारी एवं तहसीलदार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े रहे।