चम्पावत। लोहाघाट नगर की वर्षों पुरानी पेयजल समस्या के समाधान की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अमृत 2.0 योजना के अंतर्गत लोहाघाट टाउन पम्पिंग जलापूर्ति योजना को ₹84.45 करोड़ की लागत से मंजूरी प्रदान की है। योजना के तहत सरयू नदी से जल उठान कर नगर के प्रत्येक घर तक शुद्ध और पर्याप्त पेयजल पहुंचाया जाएगा।

वर्तमान में लोहाघाट की जलापूर्ति वर्ष 1980 में निर्मित पुरानी व्यवस्था पर आधारित है, जो अब लगभग 44 वर्ष पुरानी हो चुकी है। जर्जर पाइपलाइनों में रिसाव, बार-बार अवरोध और कम वहन क्षमता के कारण करीब 14,561 की आबादी को नियमित जलापूर्ति नहीं मिल पा रही थी। गर्मियों के दौरान स्थिति और अधिक गंभीर हो जाती थी, जिससे लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था।
नई योजना के अंतर्गत सरयू नदी से चार चरणों में उच्चदाब पाइपलाइन बिछाई जाएगी। नदी से जल उठान कर क्रमशः तल्ली बेट्टा, मल्ली बेट्टा और छांदा होते हुए मरोड़ा खान स्थित शीर्ष जलाशय तक पहुंचाया जाएगा। इसके लिए आधुनिक अवसादन कुएं आधारित पम्पिंग प्रणाली स्थापित की जाएगी। नगर में स्वच्छ जल भंडारण टैंक बनाए जाएंगे तथा घर-घर जल मीटर सहित नए कनेक्शन दिए जाएंगे।
योजना के पूर्ण होने के बाद लोहाघाट नगर को मांग के अनुरूप नियमित और स्वच्छ पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित होगी। इससे नागरिकों को पुरानी और अव्यवस्थित व्यवस्था से राहत मिलेगी तथा जल संकट की समस्या का स्थायी समाधान होगा। सरकार का मानना है कि यह परियोजना नगर के समग्र विकास, जनस्वास्थ्य सुधार और भविष्य की बढ़ती आबादी की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए एक महत्वपूर्ण आधारभूत निवेश सिद्ध होगी।
