पिथौरागढ़। गंगोत्री गर्ब्याल राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, पिथौरागढ़ में आयोजित जिज्ञासा सत्र ‘आप पूछें, हम बताएं – परीक्षा एक उत्सव’ कार्यक्रम में जिलाधिकारी आशीष भटगाईं मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इस दौरान सरस्वती वंदना और स्वागत गीत की प्रस्तुति दी गई।

जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) डीडीहाट के तत्वावधान में बाल सखा प्रकोष्ठ द्वारा आयोजित इस एक दिवसीय शिविर में जिले भर के राजकीय विद्यालयों से कक्षा 10 और 12 के 1000 से अधिक विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया। विद्यार्थियों ने परीक्षा से जुड़ी अपनी शंकाएं रखीं और विशेषज्ञों से समाधान प्राप्त किया।
जिलाधिकारी ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं है। परीक्षा केवल अंकों की नहीं, बल्कि आत्मविश्वास और धैर्य की भी परीक्षा होती है। उन्होंने कहा कि किसी भी कार्य को करते समय भय या संकोच को अपने ऊपर हावी न होने दें। सकारात्मक सोच, समय प्रबंधन और नियमित अभ्यास सफलता की कुंजी हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों से लक्ष्य के प्रति सजग रहने और निरंतर परिश्रम करने का आह्वान किया। कहा कि शिक्षक और विद्यालय प्रशासन सदैव मार्गदर्शन के लिए उपलब्ध रहते हैं, इसलिए आवश्यकता पड़ने पर उनसे सलाह लेने में संकोच न करें।
कार्यक्रम के समन्वयक राजेश कुमार पाठक (प्रवक्ता, डायट डीडीहाट) ने अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत किया। मुख्य शिक्षा अधिकारी तरुण पंत एवं डायट प्राचार्य भास्करानंद पांडेय ने जिलाधिकारी का पुष्पगुच्छ भेंट कर अभिनंदन किया। डायट प्राचार्य ने बताया कि यह शिविर विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य, तनाव प्रबंधन और करियर मार्गदर्शन को समर्पित है।
एआरटीओ शिवांश कांडपाल ने समय प्रबंधन, अनुशासन और छोटे लक्ष्य निर्धारित करने पर जोर दिया। बाल मनोचिकित्सक सिद्धांत माथुर ने सरल उदाहरणों के माध्यम से विद्यार्थियों को परीक्षा के तनाव से उबरने, एकाग्रता बढ़ाने तथा मोबाइल और सामाजिक माध्यमों के अत्यधिक उपयोग से बचने की सलाह दी। उन्होंने सकारात्मक सोच और कृतज्ञता की भावना अपनाने पर बल दिया। विद्यार्थियों ने खुलकर अपनी जिज्ञासाएं रखीं, जिनका वैज्ञानिक और सहज तरीके से समाधान किया गया।
कार्यक्रम की सफलता में विभिन्न विद्यालयों से पहुंचे शिक्षकों एवं मार्गदर्शकों का सराहनीय योगदान रहा। समापन अवसर पर प्रधानाचार्य हंसा धामी एवं अध्यापिका शहजादी गोशिया ने अतिथियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों का आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए सभी के सहयोग की सराहना की।
