पिथौरागढ़ में जनगणना-2027 की तैयारियां तेज, तीन दिवसीय प्रशिक्षण प्रारंभ

पिथौरागढ़। विकास भवन सभागार में भारत की जनगणना 2027 के अंतर्गत जिला एवं प्रभार स्तर के अधिकारियों का तीन दिवसीय प्रारंभिक प्रशिक्षण कार्यक्रम आरंभ हो गया है। कार्यक्रम के प्रथम दिवस की अध्यक्षता जिलाधिकारी आशीष भटगांई ने की।

जिलाधिकारी ने कहा कि वर्ष 2011 के बाद होने वाली यह जनगणना अनेक दृष्टियों से ऐतिहासिक है। इस बार संपूर्ण जनगणना कार्य शत-प्रतिशत डिजिटल माध्यम से संपादित किया जाएगा। प्रगणक एवं पर्यवेक्षक अपने मोबाइल दूरभाष के माध्यम से आंकड़ों का संकलन करेंगे।

उन्होंने बताया कि जनगणना-2027 का प्रथम चरण (मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना) वर्ष 2026 में तथा द्वितीय चरण (जनसंख्या गणना) वर्ष 2027 में संपन्न किया जाएगा। राज्य में प्रथम चरण 25 अप्रैल से 24 मई  तक प्रस्तावित है। स्व-गणना की सुविधा 10 अप्रैल से 24 अप्रैल तक उपलब्ध रहेगी, जिसमें परिवार वेब पोर्टल के माध्यम से स्वयं अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे, जिसके उपरांत सत्यापन किया जाएगा।

द्वितीय चरण की जनसंख्या गणना 9 फरवरी 2027 से 28 फरवरी 2027 तक संचालित होगी। हिमाच्छादित क्षेत्रों के लिए विशेष प्रावधान के अंतर्गत यह कार्य 11 सितंबर से 30 सितंबर 2026 के मध्य किया जाएगा।

संपूर्ण संचालन, पर्यवेक्षण एवं प्रबंधन हेतु ‘जनगणना प्रबंधन एवं निगरानी प्रणाली’ का उपयोग किया जाएगा। प्रत्येक तहसील एवं नगर को एक विशिष्ट जनगणना प्रभार के रूप में चिह्नित कर प्रभार अधिकारी नामित किए जाएंगे। प्रभार अधिकारी द्वारा जियो टैगिंग के माध्यम से मकान सूचीकरण खंडों का निर्माण, सीमाओं का निर्धारण एवं सत्यापन तथा संपूर्ण कार्य की निगरानी सुनिश्चित की जाएगी।

जिलाधिकारी ने कहा कि यह प्रशिक्षण केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि जनगणना-2027 की सफलता की आधारशिला है। उन्होंने सभी अधिकारियों से प्रत्येक सत्र में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने तथा तकनीकी प्रक्रियाओं को भली-भांति समझने का आह्वान किया।

प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन जनगणना निदेशालय, उत्तराखंड के सहायक निदेशक परविंद्र कुमार सिंह तथा सांख्यिकी अधिकारियों द्वारा किया गया। प्रशिक्षण में डिजिटल प्रक्रिया, मोबाइल आधारित आंकड़ा संकलन एवं निगरानी प्रणाली के उपयोग संबंधी विस्तृत जानकारी दी गई।

बैठक में अपर जिलाधिकारी योगेंद्र सिंह सहित समस्त उपजिलाधिकारी, तहसीलदार, खंड विकास अधिकारी एवं नगर निकायों के अधिशासी अधिकारी उपस्थित रहे।