देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से उनके शासकीय आवास पर आज शत्रुजीत कपूर ने शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान प्रदेश की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं की सुरक्षा, सीमांत क्षेत्रों के विकास कार्यों और आपदा प्रबंधन में आपसी समन्वय को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री ने सीमाओं की सुरक्षा में भारत-तिब्बत सीमा पुलिस की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि उत्तराखण्ड जैसे सीमावर्ती राज्य में बल का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि सीमांत क्षेत्रों में तैनात जवान जहां देश की सुरक्षा में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं, वहीं स्थानीय नागरिकों के साथ बेहतर तालमेल स्थापित कर विकास कार्यों में भी सहभागी बन रहे हैं।
धामी ने कहा कि राज्य सरकार सीमांत जिलों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है। सड़क, स्वास्थ्य, संचार और अन्य आधारभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के माध्यम से दूरस्थ क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ने के प्रयास निरंतर किए जा रहे हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि राज्य सरकार और आईटीबीपी के बीच बेहतर समन्वय से सुरक्षा व्यवस्था और अधिक प्रभावी बनेगी।
महानिदेशक ने मुख्यमंत्री को सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा इंतजाम, आधुनिक संसाधनों और बल की तैयारियों की जानकारी दी। उन्होंने राज्य सरकार की ओर से मिल रहे सहयोग के लिए आभार जताते हुए भविष्य में भी समन्वय बनाए रखने का आश्वासन दिया।
बैठक में पर्वतीय क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्यों में आईटीबीपी की सक्रिय भूमिका पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं के समय बल ने तत्परता और संवेदनशीलता के साथ कार्य कर प्रदेशवासियों का विश्वास जीता है।
उन्होंने कहा कि “सुरक्षित सीमा, सशक्त उत्तराखण्ड” के संकल्प के साथ राज्य सरकार सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर कार्य कर रही है, ताकि सीमांत क्षेत्रों में शांति, सुरक्षा और विकास की त्रिस्तरीय व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके।
मुख्यमंत्री ने भविष्य में राज्य सरकार और आईटीबीपी के मध्य नियमित संवाद और प्रभावी समन्वय बनाए रखने पर भी बल दिया।
