धारचूला में स्वामी वीरेंद्रानंद को लेकर बढ़ी सियासी चर्चा, क्या 2027 में भाजपा लगाएगी दांव?

(सुशील खत्री, देवभूमि टुडे न्यूज) आगामी विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर धारचूला विधानसभा क्षेत्र में राजनीतिक हलचल तेज होने लगी है। संभावित दावेदारों को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का दौर शुरू हो चुका है। इन चर्चाओं के बीच महा मंडलेश्वर डॉ. स्वामी वीरेंद्रानंद महाराज का नाम भी प्रमुखता से लिया जा रहा है। क्षेत्र में उनके सामाजिक प्रभाव और जनसंपर्क को देखते हुए कई लोग उन्हें भाजपा के संभावित चेहरों में शामिल कर रहे हैं।

स्वामी वीरेंद्रानंद महाराज लंबे समय से धार्मिक, सामाजिक और शैक्षिक गतिविधियों के माध्यम से क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। खासतौर पर शिक्षा के क्षेत्र में उनका विशेष योगदान माना जाता है। वे कई गरीब और बेसहारा बच्चों को निशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराने का कार्य कर रहे हैं, जिससे समाज के विभिन्न वर्गों में उनकी अच्छी पहचान बनी हुई है।

कोरोना महामारी के कठिन दौर में भी उन्होंने जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए आगे आकर कार्य किया था। उस समय उन्होंने कई स्थानों पर निशुल्क भोजन और पानी की व्यवस्था कराई। लॉकडाउन के दौरान अपने घरों तक पहुंचने में परेशान लोगों की मदद करने में भी उन्होंने और उनके सहयोगियों ने सक्रिय भूमिका निभाई थी।

इन्हीं सामाजिक कार्यों के कारण क्षेत्र में उनके प्रति लोगों का रुझान भी देखने को मिलता है। स्थानीय स्तर पर कई लोग मानते हैं कि यदि भाजपा सामाजिक प्रभाव और जनसमर्थन वाले किसी चेहरे को मौका देती है तो स्वामी वीरेंद्रानंद महाराज एक मजबूत विकल्प बन सकते हैं।

हालांकि अभी तक किसी भी राजनीतिक दल ने 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए प्रत्याशियों को लेकर आधिकारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन धारचूला की सियासी फिजा में जिस तरह स्वामी वीरेंद्रानंद महाराज को लेकर चर्चाएं हो रही हैं, उससे साफ है कि आने वाले समय में उनका नाम राजनीतिक चर्चा में और अधिक प्रमुखता से उभर सकता है।