पड़ोसी बने हैवान: लोहे की पाइप से पीट-पीटकर हत्या, जंगल में छिपाया शव

पिथौरागढ़/जौलजीबी। आपसी विवाद और रिश्तों में बढ़ती कड़वाहट ने एक व्यक्ति की जान ले ली। कोतवाली जौलजीबी क्षेत्र में पड़ोसियों द्वारा मारपीट कर हत्या करने और शव को जंगल में छिपाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए 24 घंटे के भीतर घटना का खुलासा कर चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

जानकारी के अनुसार, 23 मार्च को रेखा देवी निवासी भगतिरवा, ग्राम किमखोला ने कोतवाली जौलजीबी में तहरीर दी। उन्होंने आरोप लगाया कि 22 मार्च की शाम उनके पड़ोसियों बसंती देवी, उसके दो पुत्र रमेश सिंह व जनक सिंह तथा प्रदीप सिंह ने उनके पति कुन्दन सिंह रजवार के साथ लोहे की पाइप और लकड़ियों से मारपीट की, जिससे उनकी मृत्यु हो गई। आरोप है कि अगले दिन सुबह आरोपी शव को घर से उठाकर जंगल में ले गए।

तहरीर के आधार पर पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज कर जांच शुरू की। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए और फॉरेंसिक टीम की मदद ली। इसके बाद आरोपियों की तलाश और शव की बरामदगी के लिए सघन अभियान चलाया गया।

गुप्त सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने दबिश देकर चारों आरोपियों को बसंती देवी के घर से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने जुर्म कबूल करते हुए बताया कि मारपीट के दौरान कुन्दन सिंह की मौत हो गई थी। घटना छिपाने के लिए उन्होंने 23 मार्च की सुबह शव को झिपुखोला गधेरा स्थित जंगल में पत्थरों और मिट्टी से दबा दिया।

पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर घटना स्थल से करीब एक किलोमीटर दूर जंगल से शव बरामद कर लिया। शव का पंचायतनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

मामले में संबंधित धाराओं में बढ़ोतरी करते हुए चारों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।

गिरफ्तारी टीम में शामिल पुलिसकर्मी
थानाध्यक्ष प्रदीप कुमार, उपनिरीक्षक चन्द्रशेखर जोशी, उपनिरीक्षक महेश पन्त, हेड कांस्टेबल पूरन सिंह, कांस्टेबल महेश सिंह बोरा, ललित कुमार, मनोज मर्तोलिया तथा महिला होमगार्ड ज्योति ऐरी शामिल रहे।