चम्पावत। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गोरलचौड़ सभागार में आयोजित ‘एसएचई फॉर स्टेम’ कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग करते हुए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में बालिकाओं की भागीदारी बढ़ाने पर विशेष जोर दिया। इस दौरान उन्होंने राज्य की 50 मेधावी छात्राओं को प्रति छात्रा ₹10,000 की छात्रवृत्ति प्रदान की तथा विभिन्न छात्र-छात्राओं को अध्ययन हेतु संगणक (लैपटॉप) वितरित कर सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर चम्पावत में ‘विज्ञान रेडियो’ की स्थापना, जनपद को आदर्श के साथ सुदृढ़ (रेजिलिएंट) जनपद के रूप में विकसित करने, महिला प्रौद्योगिकी केंद्र के लिए उपयुक्त स्थान उपलब्ध कराने तथा ‘आपदा प्रबंधन केंद्र’ की स्थापना के लिए केंद्र सरकार से अनुरोध किए जाने की घोषणा की।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय विज्ञान और नवाचार का है और राज्य सरकार का उद्देश्य है कि प्रदेश की प्रत्येक बेटी विज्ञान एवं तकनीक के क्षेत्र में आगे बढ़े। विज्ञान को समस्याओं के समाधान और प्रगति का सशक्त माध्यम बताते हुए उन्होंने कहा कि जब बेटियां इस क्षेत्र में नेतृत्व करेंगी, तभी सशक्त और समृद्ध उत्तराखण्ड का निर्माण संभव होगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार नवाचार को बढ़ावा देने और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित कर रही है। केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं के माध्यम से बालिकाओं में वैज्ञानिक सोच का विकास हो रहा है। चम्पावत में निर्माणाधीन विज्ञान केंद्र को उन्होंने युवाओं के लिए उपयोगी बताया।
कार्यक्रम के दौरान महिला उद्यमियों ने अपने अनुभव साझा किए। ग्राम कांडा की दिया ने खाद्य प्रसंस्करण, ग्राम भिंगराड़ा की ग्राम प्रधान गीता भट्ट ने पिरूल ब्रिकेटिंग इकाई तथा कमला पांगती ने जूट बैग निर्माण, मधुमक्खी पालन सहित विभिन्न प्रशिक्षणों से हुए लाभ की जानकारी दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में देश विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में निरंतर प्रगति कर रहा है, जिसका उदाहरण कोरोना वैक्सीन, चंद्रयान-3 तथा आदित्य एल-1 जैसी उपलब्धियां हैं। उन्होंने कहा कि ‘विज्ञान ज्योति कार्यक्रम’ एवं ‘प्रगति छात्रवृत्ति योजना’ के माध्यम से छात्राओं को आगे बढ़ने के अवसर दिए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि राज्य में विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार नीति के तहत कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), रोबोटिकी, ड्रोन तथा अर्धचालक जैसे क्षेत्रों में कार्य किया जा रहा है। साथ ही हिमालयी राज्य के लिए संतुलित एवं सतत विकास मॉडल अपनाने पर भी बल दिया।
इस अवसर पर जनप्रतिनिधि, अधिकारी, बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
