पिथौरागढ़। आगामी 2 नवंबर को उच्च हिमालयी क्षेत्र गूंजी में आयोजित होने वाली महत्वाकांक्षी “आदि कैलास अल्ट्रा मैराथन” की सभी तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए जिलाधिकारी आशीष कुमार भटगांई स्वयं आयोजन स्थल गूंजी पहुंचे हैं। इस मैराथन में देश-विदेश से लगभग 800 से अधिक धावक भाग लेने वाले हैं, जिसे भारत के सबसे रोमांचक और ऊंचे ट्रेकिंग ट्रेल्स में से एक माना जा रहा है।
जिलाधिकारी भटगांई ने आज आयोजन स्थल गुंजी का स्थलीय निरीक्षण कर तैयारियों का जायज़ा लिया। उन्होंने विभिन्न विभागों को स्थानीय जनता से आपसी समन्वय के साथ व्यवस्थाओं को बेहतर एवं समयबद्ध ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए। इस दौरान ग्राम प्रधान गुंजी विमला गुंज्याल ने जिलाधिकारी से भेंट कर तैयारियों पर चर्चा की। जिलाधिकारी कल गुंजी के आसपास के क्षेत्रों तथा आदि कैलास क्षेत्र का भी निरीक्षण करेंगे।
जिलाधिकारी ने ट्रेक रूट की मार्किंग, रेस्क्यू टीमों तथा लॉजिस्टिक सपोर्ट की व्यवस्थाओं की जानकारी जिला पर्यटन विभाग से ली और स्थानीय होम स्टे संचालक, स्वयंसेवी संगठन, और ग्राम समितियों के सक्रिय सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।
यह अल्ट्रा मैराथन मार्ग गूंजी से आदि कैलास क्षेत्र तक फैला हुआ है, जो समुद्रतल से लगभग 14,000 फीट की ऊँचाई तक जाता है। मार्ग पर प्रतिभागियों की सुरक्षा, गाइडेंस और आपात सहायता के लिए भारतीय सेना, आईटीबीपी (इंडो-तिब्बतन बॉर्डर पुलिस) और पुलिस प्रशासन की टीमें तैनात रहेंगी।
संभावित मौसमीय परिस्थितियों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने विशेष व्यवस्थाएँ की हैं। मेडिकल रिलीफ पोस्ट स्थापित किए गए हैं, जिसमें आपातकालीन ऑक्सीजन सिलिंडर, एम्बुलेंस, और हेल्थ सपोर्ट टीमें शामिल हैं। रेस्क्यू और इवैक्यूएशन टीमों को भी आवश्यक प्रशिक्षण एवं संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं।

आदि कैलास यात्रा परमिट 28 अक्टूबर से बंद
मैराथन आयोजन के मद्देनजर, यात्रियों के रहने-खाने की व्यवस्थाओं को ध्यान में रखते हुए, जिलाधिकारी के निर्देशों के क्रम में महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। एसडीएम जितेंद्र वर्मा ने बताया कि 28 अक्टूबर से 3 नवंबर तक आदि कैलास यात्रा का परमिट जारी करना अस्थायी रूप से बंद करने का निर्णय लिया गया है। साथ ही, 24 अक्टूबर से ही आदि कैलाश यात्रा हेतु सीमित पास ही दिए जाएंगे।
गुरुवार को 172 परमिट जारी किए गए, जिससे अब तक कुल 32,986 परमिट जारी हो चुके हैं। इस दौरान उपजिलाधिकारी धारचूला जितेन्द्र वर्मा और जिला पर्यटन विकास अधिकारी कीर्ति आर्या सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
