दुर्गम हिमालयी पगडंडियों पर रोमांच का नया अध्याय: आदि कैलास अल्ट्रा मैराथन की तैयारियों को डीएम ने दी अंतिम धार, सुरक्षा-स्वास्थ्य पर विशेष फोकस

पिथौरागढ़। 02 नवम्बर को आयोजित होने वाली प्रतिष्ठित आदि कैलास अल्ट्रा मैराथन के सफल आयोजन को सुनिश्चित करने के लिए, जिलाधिकारी आशीष कुमार भटगांई ने आज गुंजी, जौलिंगकोंग और आसपास के क्षेत्रों का सघन स्थलीय निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस अल्ट्रा मैराथन को भारत के सबसे ऊंचे और रोमांचक ट्रेकिंग ट्रेल्स में से एक पर आयोजित किया जा रहा है, जो समुद्र तल से लगभग 14,000 फीट की ऊंचाई तक फैला है।
अधिकारी ने जाँची व्यवस्थाएँ
निरीक्षण के दौरान जिला पर्यटन विकास अधिकारी कीर्ति आर्या ने जिलाधिकारी को प्रशासन और पर्यटन विभाग की विस्तृत तैयारियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि देशभर से आने वाले धावकों के स्वागत, आवास, चिकित्सा और सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया गया है और सभी आवश्यक व्यवस्थाएं अंतिम रूप ले चुकी हैं। ट्रेक रूट की मार्किंग पूरी हो गई है, रेस्क्यू टीमें तैनात हैं और लॉजिस्टिक सपोर्ट की व्यवस्थाएँ भी सुनिश्चित की गई हैं। स्थानीय होम स्टे संचालक, स्वयंसेवी संगठन और ग्राम समितियाँ आयोजन को सफल बनाने में सक्रिय सहयोग कर रही हैं।
सुरक्षा एवं स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता
यह दुर्गम मार्ग भारतीय सेना, पुलिस प्रशासन, आईटीबीपी (इंडो-तिब्बतन बॉर्डर पुलिस) और स्वास्थ्य विभाग की टीमों की तैनाती के कारण पूरी तरह सुरक्षित रहेगा। ये टीमें प्रतिभागियों की सुरक्षा, गाइडेंस और आपात सहायता के लिए हर समय मौजूद रहेंगी।
संभावित मौसमीय चुनौतियों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने विशेष व्यवस्थाएँ की हैं:
👉 ट्रेक रूट पर मेडिकल रिलीफ पोस्ट की स्थापना।
👉 आपातकालीन ऑक्सीजन सिलिंडर, एम्बुलेंस और हेल्थ सपोर्ट टीमें तैनात।
👉 रेस्क्यू एवं इवैक्युएशन टीमों को आवश्यक प्रशिक्षण और उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं।
स्थानीय आतिथ्य और अर्थव्यवस्था को बल
पर्यटन विभाग ने सभी प्रतिभागियों और आयोजन दल के लिए रहने और भोजन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की है। इस आयोजन का सबसे आकर्षक पहलू स्थानीय सहभागिता है। स्थानीय ग्राम समितियाँ और स्वयंसेवी संगठन पारंपरिक पिथौरागढ़ी आतिथ्य संस्कृति के साथ धावकों का स्वागत करेंगे। स्थानीय उत्पादों से सजे फूड स्टॉल, हस्तशिल्प प्रदर्शनी और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी इस आयोजन का हिस्सा होंगे, जिससे स्थानीय आजीविका को सीधे तौर पर लाभ मिलेगा।
डीएम का विजन: पर्यटन मानचित्र पर आदि कैलास
जिलाधिकारी भटगांई ने जोर देते हुए कहा कि “आदि कैलास अल्ट्रा मैराथन जैसे आयोजन न केवल जनपद के पर्यटन को नई पहचान देंगे, बल्कि यहाँ की स्थानीय आजीविका, होम स्टे व्यवसाय, परिवहन एवं हस्तशिल्प को भी सशक्त बनाएंगे।” उन्होंने कहा कि प्रशासन का लक्ष्य है कि इस आयोजन के माध्यम से पर्यावरणीय संतुलन, साहसिक पर्यटन और स्थानीय सहभागिता को बढ़ावा मिले। उन्होंने विश्वास जताया कि इस सफल आयोजन से आदि कैलास क्षेत्र और व्यास घाटी को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने में बड़ी सहायता मिलेगी।
धारचूला एसडीएम ने जौलिंगकोंग में जाँचा शुभारम्भ स्थल
जिलाधिकारी के निर्देशों के अनुपालन में उपजिलाधिकारी धारचूला जितेन्द्र वर्मा ने जौलिंगकोंग क्षेत्र का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि 60 किलोमीटर लंबी अल्ट्रा मैराथन का शुभारंभ जौलिंगकोंग से होगा और सभी विभागों को समन्वय के साथ दायित्व सौंप दिए गए हैं। वर्मा ने सेना और पर्यटन विभाग की तैयारियों की सराहना करते हुए कहा कि जिला प्रशासन देश के विभिन्न राज्यों से आने वाले धावकों के स्वागत हेतु पूर्ण रूप से तैयार है।
स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण पर विशेष जोर
जिला प्रशासन ने आयोजन स्थल और मार्ग पर स्वच्छता, कचरा प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण के लिए विशेष कार्ययोजना बनाई है। स्वयंसेवी समूहों और पंचायती राज विभाग को जिम्मेदारी सौंपी गई है कि आयोजन के बाद भी क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता और स्वच्छता बनी रहे। जिलाधिकारी ने सभी प्रतिभागियों से भी क्षेत्र की स्वच्छता बनाए रखने में सहयोग करने की भावुक अपील की है।