उत्तराखंड: पिथौरागढ़ की डॉ. गरिमा पुनेठा को ‘यंग वूमेन साइंटिस्ट अचीवमेंट अवार्ड’, सीएम धामी ने किया सम्मानित

देहरादून। एल.एस.एम. परिसर, एस.एस.जे. विश्वविद्यालय के भौतिकी विभाग की सहायक प्राध्यापिका डॉ. गरिमा पुनेठा को वर्ष 2025 के प्रतिष्ठित “यंग वूमेन साइंटिस्ट अचीवमेंट अवार्ड” से सम्मानित किया गया है। उन्हें यह सम्मान उच्च-ऊर्जा कण भौतिकी और अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रदान किया गया है।
यह गौरवशाली सम्मान उत्तराखण्ड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी सम्मेलन–2025 के दौरान प्रदान किया गया, जिसका भव्य आयोजन 28 से 30 नवम्बर 2025 तक ग्राफिक एरा विश्वविद्यालय में हुआ।
सीएम धामी और केंद्रीय मंत्री रहे मौजूद
पुरस्कार समारोह में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह सहित कई विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे। राज्यसभा सांसद श्री नरेश बंसल और यूकोस्ट के महानिदेशक भी इस अवसर के साक्षी बने। समारोह में प्रो. नवीन चंद्र लोहनी, पंतनगर विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. मनमोहन सिंह चौहान, और ग्राफिक एरा विश्वविद्यालय के अध्यक्ष डॉ. कमल घनश्याम सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने भी शिरकत की।
क्वांटम क्रोमोडायनमिक्स से आदित्य–L1 तक शोध में योगदान
डॉ. गरिमा पुनेठा का शोध कार्य मुख्य रूप से क्वांटम क्रोमोडायनमिक्स (QCD), क्वार्क–ग्लूऑन प्लाज़्मा (QGP) और सौर भौतिकी जैसे जटिल विषयों पर केंद्रित है। वह विशेष रूप से भारत के प्रतिष्ठित आदित्य–L1 मिशन से प्रेरित सौर गतिविधियों, कोरोना हीटिंग और स्पेस वेदर के प्रभावों पर शोधरत हैं और विद्यार्थियों का मार्गदर्शन कर रही हैं। वह UCOST प्रायोजित परियोजना की प्रोजेक्ट इन्वेस्टिगेटर भी हैं और क्वार्क मैटर की ऊष्मागतिकी एवं ट्रांसपोर्ट गुणों पर महत्त्वपूर्ण शोध कर रही हैं।
राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान और नवाचार
डॉ. पुनेठा ने प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय जर्नलों में कई शोध-पत्र प्रकाशित किए हैं और रूस के JINR सहित अनेक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में आमंत्रित व्याख्यान दिए हैं। शिक्षा और नवाचार के क्षेत्र में भी उनका योगदान सराहनीय है। उन्होंने UG–PG विद्यार्थियों के लिए कई कार्यशालाएँ, प्रशिक्षण कार्यक्रम और प्रमाण-पत्र पाठ्यक्रम आयोजित किए हैं, साथ ही NGPE गतिविधियों का सफल समन्वय किया है। वह IPR सेल की कोऑर्डिनेटर के रूप में बौद्धिक संपदा अधिकारों के प्रति जागरूकता को बढ़ावा दे रही हैं। इसके अलावा, वह विज्ञान शाला के “She for STEM – Kalpana” कार्यक्रम की सक्रिय मेंटर हैं, जिसका उद्देश्य युवा महिलाओं को विज्ञान और तकनीक के क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना है।
इससे पूर्व भी डॉ. पुनेठा को यंग साइंटिस्ट अवॉर्ड (2013), लीडिंग वूमेन साइंटिस्ट अवॉर्ड (2021) और रिसर्च एक्सीलेंस अवॉर्ड (2021) जैसे कई महत्त्वपूर्ण पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है।