संवेदनशील प्रशासन की मिसाल: डीएम के निर्देश पर बेघर महिला को तत्काल मिला पंचायत घर में अस्थायी आवास

पिथौरागढ़। जिलाधिकारी  आशीष भटगांई की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई संवेदनशील प्रशासन की मिसाल बन गई। जनसुनवाई में कुल 50 से अधिक शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से अधिकांश का मौके पर निस्तारण किया गया।
डीएम भटगांई ने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि जनसुनवाई सिर्फ औपचारिकता नहीं, बल्कि जनता की समस्याओं के समयबद्ध और परिणामोन्मुखी समाधान का माध्यम है। उन्होंने स्पष्ट किया कि लापरवाही या टालमटोल बर्दाश्त नहीं की जाएगी और कोई भी फरियादी निराश होकर नहीं लौटना चाहिए।
जनसुनवाई के दौरान मुनाकोट निवासी तारा धानिक ने मकान क्षतिग्रस्त होने की समस्या बताई। जिलाधिकारी ने तुरंत संज्ञान लेते हुए जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देश दिया कि महिला को तत्काल पंचायत घर में अस्थायी आवास की सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
अन्य प्रमुख शिकायतों में मोटर मार्ग अनियमितताए, पेयजल योजनाए, निर्माण कार्यों में देरी, भूमि विवाद और विभिन्न प्रमाणपत्रों से जुड़ी समस्याए शामिल थीं। डीएम ने कई मामलों में स्थलीय निरीक्षण के निर्देश दिए।
इसके अलावा, जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1905 पर 36 दिनों से अधिक लंबित शिकायतों पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की और संबंधित विभागों को तत्काल समाधान एवं प्रगति रिपोर्ट देने का निर्देश दिया।
जनसुनवाई में अपर जिलाधिकारी योगेन्द्र सिंह, परियोजना निदेशक ग्राम्य विकास आशीष पुनेठा, जिला विकास अधिकारी रमा गोस्वामी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।