पिथौरागढ़। जनपद पिथौरागढ़ में आज 54वाँ विजय दिवस पूरे गौरव, श्रद्धा और देशभक्ति के वातावरण में मनाया गया। जिला मुख्यालय स्थित शहीद स्मारक पर आयोजित मुख्य कार्यक्रम में जिलाधिकारी आशीष भटगांई, मेयर कल्पना देवलाल, और कर्नल करम सिंह बिष्ट ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
जिलाधिकारी, मेयर और अन्य अधिकारियों के साथ वीर सैनिकों के परिजनों एवं विभिन्न सैनिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर अमर शहीदों को श्रद्धांजलि दी और उनके सर्वोच्च बलिदान को नमन किया।
जिलाधिकारी भटगांई ने इस अवसर पर जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि विजय दिवस भारतीय सशस्त्र सेनाओं के अदम्य शौर्य, साहस और बलिदान का प्रतीक है। उन्होंने 1971 के ऐतिहासिक भारत–पाक युद्ध का स्मरण करते हुए इसे भारतीय सैन्य शक्ति, रणनीतिक कुशलता और अटूट मनोबल का प्रमाण बताया, जिसके परिणामस्वरूप बांग्लादेश का उदय हुआ।
उन्होंने युवाओं से अनुशासन, देशभक्ति और सेवा भाव अपनाकर ‘विजन 2047’ के तहत राष्ट्र निर्माण में सक्रिय सहभागिता निभाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर जिलाधिकारी ने शहीद स्वर्गीय हवलदार दानसिंह की धर्मपत्नी सरस्वती देवी, लांस नायक दीवानी नाथ की धर्मपत्नी शांति देवी सहित अन्य शहीद वीरों के परिजनों को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया।
सैनिक कल्याण अधिकारी कर्नल करम सिंह बिष्ट ने 1971 के युद्ध के बारे में संक्षिप्त परिचय देते हुए बताया कि यह अब तक की सबसे बड़ी जीत थी जब लगभग 93,000 पाकिस्तानी सैनिकों ने आत्मसमर्पण किया था। विभिन्न स्कूली छात्र-छात्राओं ने देशभक्ति कार्यक्रमों की रंगारंग प्रस्तुतियाँ दीं।

