ऊधमसिंहनगर /पुलभट्टा। आईजी कुमाऊँ रेंज और स्वास्थ्य सचिव उत्तराखंड के आदेशों के बाद नशे के खिलाफ शुरू हुए कड़े अभियान के तहत पुलिस और औषधि नियंत्रण विभाग की संयुक्त टीम ने पुलभट्टा क्षेत्र में बड़ी सफलता हासिल की है। बुधवार देर शाम एसओटीएफ कुमाऊँ परिक्षेत्र, औषधि विभाग और पुलभट्टा पुलिस की संयुक्त टीम ने ग्राम दोपहरिया में संचालित हो रहे अवैध क्लीनिकों पर छापेमारी की। इस कार्रवाई के दौरान टीम ने भारी मात्रा में प्रतिबंधित नशीले कैप्सूल और टैबलेट बरामद करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत सख्त कानूनी कार्यवाही की जा रही है।
संयुक्त टीम ने सबसे पहले ग्राम दोपहरिया स्थित साईं ब्यूटी पार्लर के पास चल रहे एक अवैध क्लीनिक पर छापा मारा। यहाँ निरीक्षण के दौरान टीम को 960 स्पासमो कैप्सूल (डाईसाइक्लोमिन हाइड्रोक्लोराइड, ट्रामाडोल हाइड्रोक्लोराइड एवं एसिटामिनोफेन) और 7700 कालमपिक टैबलेट (अल्प्राजोलम) बरामद हुईं। क्लीनिक के स्वामी हर प्रसाद पुत्र मोहन लाल से जब इन दवाओं की खरीद-फरोख्त के दस्तावेज मांगे गए, तो वह कोई भी वैध बिल या लाइसेंस पेश नहीं कर सका। पुलिस ने तत्काल दवाओं को जब्त कर आरोपी को हिरासत में ले लिया।
इसी क्षेत्र में दूसरी बड़ी कार्रवाई एक अन्य अवैध क्लीनिक पर हुई, जहाँ स्थिति और भी संदिग्ध पाई गई। यहाँ निरीक्षण के दौरान टीम को 3552 स्पासमो कैप्सूल और 580 कालमपिक टैबलेट बरामद हुईं। गौर करने वाली बात यह थी कि बरामद किए गए स्पासमो कैप्सूल के पत्तों पर लिखे बैच नंबर और निर्माण तिथि को काले रंग के मार्कर से मिटाया गया था, ताकि दवाओं के स्रोत का पता न चल सके। इस क्लीनिक का संचालन पूरन लाल पुत्र टीका राम कर रहा था। पूछताछ में पूरन लाल भी औषधियों के संबंध में कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर पाया, जिसके बाद उसके विरुद्ध भी एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया।
इस पूरी संयुक्त कार्रवाई में दोनों स्थानों से कुल मिलाकर चार 4512 नशीले कैप्सूल और 8280 प्रतिबंधित टैबलेट बरामद की गई हैं।

संयुक्त कार्यवाही में वरिष्ठ औषधि निरीक्षक नीरज कुमार, वरिष्ठ औषधि निरीक्षक मीनाक्षी बिष्ट, औषधि निरीक्षक निधि शर्मा, पूजा जोशी, पूजा रानी और हर्षिता सहित एसओटीएफ टीम और पुलभट्टा थाने की पुलिस शामिल रही।
