पिथौरागढ़। उत्तराखंड सरकार के “ड्रग फ्री देवभूमि” अभियान को सफल बनाने की दिशा में पिथौरागढ़ पुलिस लगातार नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है। पुलिस अधीक्षक रेखा यादव के नेतृत्व और सटीक रणनीति के तहत जनपद की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) टीम ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए 04 किलोग्राम अवैध चरस के साथ दो तस्करों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की इस कार्रवाई से नशे की एक बड़ी खेप को बाजार में पहुंचने से पहले ही रोक दिया गया।

पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, 05 जनवरी को क्षेत्राधिकारी कुंवर सिंह रावत के पर्यवेक्षण में तथा एसओजी प्रभारी निरीक्षक नीरज भाकुनी के नेतृत्व में एसओजी टीम को चरस तस्करी से संबंधित महत्वपूर्ण इनपुट प्राप्त हुए थे। सूचना मिलते ही टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए टकाना तिराहे के पास घेराबंदी की। इस दौरान दो संदिग्ध व्यक्तियों को रोका गया, जिनके पास मौजूद कट्टों की तलाशी लेने पर चौंकाने वाला खुलासा हुआ।
तलाशी के दौरान पुलिस ने पाया कि अभियुक्त चरस को पुलिस की नजरों से बचाने के लिए राजमा के कट्टों के भीतर छिपाकर ले जा रहे थे। हालांकि, एसओजी टीम की सतर्कता और प्रोफेशनल कार्यशैली के आगे तस्करों की यह चाल काम नहीं आ सकी और मौके से 04 किलोग्राम अवैध चरस बरामद कर ली गई। इसके साथ ही 16 किलोग्राम राजमा और तीन मोबाइल फोन भी जब्त किए गए।
गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों की पहचान प्रेम सिंह उर्फ पिरमू (33 वर्ष) और भवान सिंह पाना (35 वर्ष) निवासी ग्राम फापा बादनी, थाना मुनस्यारी, जनपद पिथौरागढ़ के रूप में हुई है। पुलिस ने दोनों अभियुक्तों के खिलाफ कोतवाली पिथौरागढ़ में एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20 के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया है। आवश्यक कानूनी कार्रवाई के बाद दोनों आरोपियों को न्यायालय में प्रस्तुत कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
इस सफल अभियान को अंजाम देने में एसओजी टीम के उपनिरीक्षक मनोज कुमार, हेड कांस्टेबल अशोक बुदियाल, कांस्टेबल वीरेंद्र यादव और कांस्टेबल सतेन्द्र सुयाल की अहम भूमिका रही।
