वनाग्नि पर सख्ती: संवेदनशील स्थलों के आसपास 15 मीटर तक अनिवार्य सफाई

पिथौरागढ़। जिलाधिकारी आशीष भटगांई की अध्यक्षता में जिला कार्यालय सभागार में जनपद स्तरीय वनाग्नि सुरक्षा समिति की बैठक हुई। बैठक में आगामी वनाग्नि सत्र (15 फरवरी से 15 जून) को देखते हुए आग की रोकथाम और जनसुरक्षा को लेकर रणनीति तय की गई।

प्रभागीय वनाधिकारी आशुतोष सिंह ने बताया कि वन विभाग की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस पर जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि रिसॉर्ट, गैस गोदाम, पेट्रोल पंप, लीसा कारखाने तथा सड़क किनारे स्थित दुकानों व झोपड़ियों के आसपास 10 से 15 मीटर क्षेत्र में पिरुल, सूखी पत्तियों और अन्य ज्वलनशील पदार्थों की अनिवार्य सफाई कराई जाए।

बैठक में बताया गया कि बीते पांच वर्षों में जनपद में वनाग्नि की घटनाओं में बड़ी कमी आई है। वर्ष 2021 में 282 घटनाएं दर्ज हुई थीं, जो वर्ष 2025 में घटकर 39 रह गईं। प्रभावित क्षेत्रफल भी 516.80 हेक्टेयर से घटकर 33.50 हेक्टेयर हो गया है।

वनाग्नि सत्र के लिए पिथौरागढ़ वन प्रभाग में 68 क्रू-स्टेशन स्थापित किए गए हैं, जबकि बेरीनाग रेंज में एक मॉडल क्रू-स्टेशन बनाया गया है। जिलाधिकारी ने पिरुल के उपयोग के लिए शुगर मिल से समझौते और सोशल मीडिया के माध्यम से जन-जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए।

उन्होंने जनता से अपील की कि आग की सूचना तुरंत प्रशासन को दें और जंगलों में ज्वलनशील सामग्री न फेंकें। बैठक में अपर जिलाधिकारी योगेन्द्र सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।