पिथौरागढ़ में सूखते जल स्रोतों के पुनर्जीवन पर जोर, यक्षवती व घुरघटिया नदी की डीपीआर को मंजूरी

पिथौरागढ़। स्प्रिंग एंड रिवर रीजुविनेशन अथॉरिटी (सारा) परियोजना के तहत जनपद पिथौरागढ़ में सूखते प्राकृतिक जल स्रोतों एवं वर्षा आधारित सहायक नदियों–धाराओं के संरक्षण, संवर्धन और पुनर्जीवन को लेकर जिला स्तरीय कार्यकारिणी समिति सारा की बैठक जिला कार्यालय सभागार में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी आशीष कुमार भटगांई ने की।

बैठक में सारा परियोजना के अंतर्गत केन्द्राभिसरण के माध्यम से 50 प्रतिशत विभागीय अंश एवं 50 प्रतिशत सारा अंश के आधार पर जनपद के सूखते जल स्रोतों तथा वर्षा आधारित सहायक नदियों–धाराओं के प्राथमिकता निर्धारण पर चर्चा की गई। इस दौरान उपचार कार्यों के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) निर्माण पर विचार-विमर्श हुआ। सर्वसम्मति से यक्षवती नदी एवं घुरघटिया नदी की डीपीआर को अनुमोदन प्रदान किया गया।

सदस्य सचिव एवं उप निदेशक सारा, जलागम प्रबंधन प्रभाग पिथौरागढ़ द्वारा वन विभाग, लघु सिंचाई विभाग तथा विकासखंड गंगोलीहाट से प्राप्त प्रस्ताव समिति के समक्ष रखे गए। जिलाधिकारी एवं समिति के सदस्यों ने प्रस्तावों का गहन परीक्षण करने के बाद डीपीआर निर्माण की स्वीकृति दी।

जिलाधिकारी आशीष कुमार भटगांई ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि डीपीआर निर्माण का कार्य आपसी समन्वय से वैज्ञानिक पद्धति अपनाते हुए किया जाए। उन्होंने कहा कि भौगोलिक परिस्थितियों, जल विज्ञान तथा भू-जल संरचना को ध्यान में रखते हुए व्यवहारिक, दीर्घकालिक एवं परिणामोन्मुखी डीपीआर तैयार की जाए, ताकि जल स्रोतों और सहायक नदियों के जल प्रवाह में स्थायी सुधार हो सके।

उन्होंने यह भी कहा कि प्रस्तावित कार्यों में कैचमेंट क्षेत्र, वर्षा पैटर्न, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों एवं पर्यावरणीय संतुलन का विशेष ध्यान रखा जाए। विभागीय समन्वय बनाए रखने के लिए नियमित समीक्षा एवं तकनीकी परीक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में यह अपेक्षा जताई गई कि सारा परियोजना के माध्यम से ग्रामीण एवं पर्वतीय क्षेत्रों में पेयजल संकट के समाधान, कृषि कार्यों को मजबूती और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में ठोस परिणाम सामने आएंगे।

बैठक में उप प्रभागीय वनाधिकारी राजकुमार, मुख्य कृषि अधिकारी अमरेन्द्र चौधरी, खंड विकास अधिकारी विण राजेंद्र अवस्थी, अधिशासी अभियंता सिंचाई धीरज जोशी सहित सारा परियोजना से जुड़े अधिकारी एवं विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।