20 दिन में 117 विद्यालयों की भूमि का पंजीयन, ‘अपना स्कूल, अपनी जमीन’ अभियान ने पकड़ी रफ्तार

चम्पावत। जनपद में विद्यालयों की भूमि को सुरक्षित कर भविष्य में अतिक्रमण और भूमि विवादों से बचाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी मनीष कुमार के निर्देशन में संचालित “अपना स्कूल, अपनी जमीन” अभियान तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। महज 20 दिनों के भीतर अभियान ने उल्लेखनीय प्रगति दर्ज करते हुए 117 विद्यालयों की भूमि का पंजीयन पूर्ण करा लिया है, जबकि 193 विद्यालयों में पंजीयन की कार्यवाही प्रगति पर है।

22 जनवरी को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित शिक्षा विभाग की बैठक में विद्यालयों की भूमि, शिक्षा की गुणवत्ता, छात्र-छात्राओं की सुरक्षा तथा मूलभूत सुविधाओं की विस्तृत समीक्षा की गई थी। बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि विद्यालयों की भूमि का विधिवत पंजीयन विद्यालयों के नाम सुनिश्चित किया जाए, ताकि भविष्य में किसी प्रकार का अतिक्रमण या विवाद उत्पन्न न हो सके।

जनपद में शिक्षा विभाग के अंतर्गत कुल 646 विद्यालय संचालित हैं। प्राथमिक विद्यालयों की बात करें तो विकासखंड चम्पावत में 191 विद्यालयों में से 32 का पंजीयन पूर्ण तथा 159 में प्रक्रिया जारी है। लोहाघाट विकासखंड के 119 प्राथमिक विद्यालयों में 7 का पंजीयन पूर्ण और 112 में कार्यवाही चल रही है। बाराकोट के 78 प्राथमिक विद्यालयों में 18 का पंजीयन पूरा हो चुका है तथा 60 में प्रक्रिया गतिमान है। पाटी विकासखंड के 153 प्राथमिक विद्यालयों में 7 का पंजीयन पूर्ण और 146 में कार्यवाही जारी है।

माध्यमिक विद्यालयों में विकासखंड चम्पावत के 43 विद्यालयों में 14 का पंजीयन पूर्ण तथा 29 में प्रक्रिया जारी है। लोहाघाट के 18 माध्यमिक विद्यालयों में 11 का पंजीयन पूरा और 7 में कार्यवाही प्रगति पर है। बाराकोट के 18 विद्यालयों में 15 का पंजीयन पूर्ण तथा 3 में प्रक्रिया चल रही है। पाटी विकासखंड के 26 माध्यमिक विद्यालयों में 13 का पंजीयन पूर्ण और 13 में कार्यवाही जारी है।

अभियान प्रारंभ होने से पूर्व जनपद में मात्र 55 विद्यालयों की भूमि का पंजीयन अथवा अभिलेखीय पुष्टि उपलब्ध थी। इनमें चम्पावत के 21, लोहाघाट के 13, बाराकोट के 7 और पाटी के 14 विद्यालय शामिल थे। वर्तमान अभियान के चलते यह संख्या तेजी से बढ़ रही है।

जिलाधिकारी मनीष कुमार ने सभी उपजिलाधिकारियों, तहसीलदारों, पटवारियों के साथ ही मुख्य शिक्षा अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारियों एवं उपखंड शिक्षा अधिकारियों को अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि यह केवल राजस्व अभिलेखों का सुधार नहीं, बल्कि विद्यालयों के सुरक्षित और विवाद-मुक्त भविष्य की आधारशिला है।

जनपद में संचालित यह अभियान शिक्षा संस्थानों को कानूनी सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और दूरगामी पहल के रूप में देखा जा रहा है।