यक्षवती तट पर गूंजा जल संरक्षण का संकल्प, ‘नदी महोत्सव’ में उमड़ा जनसैलाब

पिथौरागढ़। जीवनदायिनी नदियों के संरक्षण और पुनर्जीवन के उद्देश्य से बुधवार को जनपद में यक्षवती नदी क्षेत्र में ‘नदी महोत्सव 2025-26’ का भव्य आयोजन किया गया। पारंपरिक विधि-विधान के साथ शुरू हुए इस कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, विद्यार्थियों और स्थानीय नागरिकों ने बढ़-चढ़कर भागीदारी की। कार्यक्रम का उद्देश्य जल संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़कर जनआंदोलन का रूप देना रहा।

कार्यक्रम का शुभारंभ यक्षवती नदी तट पर पूजा-अर्चना से हुआ। जिलाधिकारी आशीष कुमार भटगाई, जिला पंचायत अध्यक्ष जितेन्द्र प्रसाद, मेयर कल्पना देवलाल और मुख्य विकास अधिकारी डॉ. दीपक सैनी ने मां यक्षवती की आराधना कर जनपद की सुख-समृद्धि और जल स्रोतों की निरंतरता की कामना की। इस दौरान विलुप्त हो रहे नौलों, धारों और प्राकृतिक जल स्रोतों के संरक्षण का सामूहिक संकल्प भी लिया गया।

पदयात्रा से दिया जागरूकता का संदेश

महोत्सव के अंतर्गत यक्षवती नदी क्षेत्र से तड़ीगांव तक जागरूकता पदयात्रा निकाली गई। पदयात्रा में सैकड़ों स्कूली छात्र-छात्राएं, जनप्रतिनिधि और विभिन्न विभागों के अधिकारी शामिल हुए। प्रतिभागियों ने ‘हमारा संकल्प–साफ नदियां, हरित धारा’, ‘नदियों को प्रदूषण मुक्त बनाना है’ जैसे नारों के साथ क्षेत्रवासियों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक किया। इस दौरान लोगों से प्लास्टिक का उपयोग कम करने, जल स्रोतों में कचरा न डालने और वर्षा जल संचयन अपनाने की अपील की गई।

उद्गम स्थल पर मुख्य समारोह

तड़ीगांव फील्ड स्थित यक्षवती नदी के उद्गम स्थल पर मुख्य कार्यक्रम आयोजित हुआ। जिला पंचायत अध्यक्ष का स्वागत पौध भेंट कर किया गया। कार्यक्रम स्थल को पर्यावरण संरक्षण से जुड़े संदेशों और विद्यार्थियों के पोस्टरों से सजाया गया था।

सूचना एवं लोक सम्पर्क विभाग में पंजीकृत दल ‘भाव राग ताल अकादमी’ ने जल एवं पर्यावरण संरक्षण पर नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत कर लोगों को भावनात्मक रूप से झकझोर दिया। नाटक में अनियंत्रित दोहन और वनों की कटाई से उत्पन्न जल संकट की चेतावनी दी गई।

जनप्रतिनिधियों ने दिया सामूहिक प्रयास का संदेश

जिलाधिकारी ने कहा कि जल संरक्षण को सामाजिक दायित्व के रूप में अपनाना होगा। उन्होंने वर्षा जल संचयन और वनीकरण पर बल दिया। जिला पंचायत अध्यक्ष ने ग्राम स्तर पर जल संरक्षण समितियां गठित करने की आवश्यकता बताई। मेयर ने नगर क्षेत्र में स्वच्छता और प्लास्टिक मुक्त अभियान को सख्ती से लागू करने की बात कही। प्रभागीय वनाधिकारी ने वन और जल को एक-दूसरे का पूरक बताते हुए वृक्षारोपण पर जोर दिया।

चित्रकला प्रतियोगिता में दिखी प्रतिभा

‘जल संरक्षण एवं संवर्द्धन’ विषय पर आयोजित चित्रकला प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने आकर्षक चित्रों के माध्यम से संदेश दिया। विजेताओं को प्रशस्ति-पत्र और पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम के अंत में सभी ने नदियों को प्रदूषण मुक्त रखने और जल स्रोतों की रक्षा का सामूहिक संकल्प लिया। आगामी दिनों में विभिन्न विकासखंडों में स्वच्छता अभियान, वृक्षारोपण और जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

नदी महोत्सव ने यह संदेश दिया कि जल संरक्षण केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के हर व्यक्ति का कर्तव्य है।