चम्पावत। जिलाधिकारी मनीष कुमार ने विकासखंड चम्पावत की ग्राम पंचायत भण्डार बोरा के दूरस्थ क्षेत्र रौकुंवर में राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय परिसर में चौपाल लगाकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और मौके पर ही समाधान के निर्देश दिए। डीएम बसौटी माफी से रौकुंवर तक करीब तीन किलोमीटर का दुर्गम जंगल मार्ग पैदल तय कर गांव पहुंचे, जिससे ग्रामीणों में खासा उत्साह देखने को मिला।

मार्ग में उन्होंने त्रिलोक सिंह कुंवर के घर रुककर उनकी आजीविका, खेती-बाड़ी और व्यवसाय की जानकारी ली। साथ ही संबंधित अधिकारियों को पीएम किसान योजना और आयुष्मान कार्ड शीघ्र बनवाने के निर्देश दिए।
चौपाल के दौरान ग्रामीणों ने सड़क निर्माण की प्रमुख मांग उठाई। इस पर जिलाधिकारी ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत आवश्यक कार्रवाई तुरंत शुरू करने को कहा। साथ ही क्षतिग्रस्त मार्गों और पुलों के सुधार के लिए प्राथमिकता के आधार पर पुल निर्माण के निर्देश भी दिए।
स्वास्थ्य और जनकल्याण योजनाओं की प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करने के लिए डीएम ने आंगनबाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं को निर्देशित किया कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति का आयुष्मान कार्ड बनाया जाए और सभी लाभार्थियों को समयबद्ध तरीके से योजनाओं का लाभ मिले।
जिलाधिकारी ने चौपाल में मौजूद हर ग्रामीण की समस्या गंभीरता से सुनी और उन्हें अपनी डायरी में दर्ज कर संबंधित अधिकारियों को त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए। प्रमुख मामलों में जानकी देवी की बिजली पोल, बेनी देवी और माया देवी की पेयजल समस्या, डिगरी देवी की गौशाला, पार्वती देवी का जन्म प्रमाण पत्र, देवकी देवी और चनी देवी की पेंशन, राम सिंह का आधार कार्ड और कृष्ण राम की सुरक्षा दीवार की मांग शामिल रहीं।
गांव की गीता देवी की मानसिक स्वास्थ्य समस्या को देखते हुए मुख्य चिकित्साधिकारी को समुचित उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। वहीं आपदा से क्षतिग्रस्त सिंचाई गुल की समस्या के समाधान के लिए गांव में टैंक निर्माण और फसलों की सुरक्षा हेतु तारबाड़ कराने को कहा गया।
गांव के समग्र विकास के लिए विद्यालय भवन के सुधारीकरण, खेल मैदान के विकास, ओपन जिम स्थापना, पंचायत घर और बारात घर निर्माण की दिशा में भी आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
इस दौरान ग्राम प्रधान अशोक सिंह कुंवर, खंड विकास अधिकारी अशोक अधिकारी, अर्थ एवं संख्याधिकारी दीप्तिक्रिति तिवारी सहित अन्य अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
