(देवभूमि टुडे न्यूज) पिथौरागढ़। जनपद में आगामी मानसून के दौरान संभावित आपदाओं से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। जिलाधिकारी आशीष कुमार भटगांई ने स्पष्ट कर दिया है कि आपदा प्रबंधन और जनसुरक्षा के कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में डीएम ने कड़े लहजे में कहा कि अधिकारी कागजी घोड़े दौड़ाने के बजाय धरातल पर तैयारी सुनिश्चित करें।
जिलाधिकारी ने लोनिवि और पीएमजीएसवाई के अधिकारियों को निर्देश दिए कि मानसून से पूर्व सभी मार्गों का स्थलीय निरीक्षण कर लिया जाए। भूस्खलन की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों (ब्लैक स्पॉट) पर जेसीबी और अन्य भारी मशीनरी पहले से तैनात रहनी चाहिए। उन्होंने “जीरो डिले” नीति पर जोर देते हुए कहा कि मार्ग अवरुद्ध होने की सूचना मिलते ही बिना समय गंवाए बहाली का कार्य शुरू हो जाना चाहिए।

रेस्क्यू ऑपरेशन में मानवीय चूक और जोखिम को कम करने के लिए डीएम ने नया सुरक्षा प्रोटोकॉल जारी किया है। अब कोई भी कर्मचारी आपदा क्षेत्र में अकेले कार्य नहीं करेगा। उन्होंने निर्देश दिए कि:
रेस्क्यू के लिए कम से कम दो सदस्यीय टीम का होना अनिवार्य है। सभी विभाग अपने बचाव उपकरणों (Rescue Gear) की तत्काल जांच कर लें। खराब उपकरणों को तुरंत बदला या दुरुस्त किया जाए।
पर्वतीय क्षेत्रों में ट्रेकिंग पर जाने वाले पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर डीएम ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने अधिकारियों को एक ऐसा मजबूत मैकेनिज्म विकसित करने को कहा, जिससे ट्रेकर्स की रीयल-टाइम लोकेशन प्रशासन के पास उपलब्ध रहे। इससे आपदा की स्थिति में त्वरित रेस्क्यू संभव हो सकेगा। इसके अलावा, शिक्षा विभाग को जर्जर स्कूलों की मरम्मत कर उन्हें राहत शिविर के रूप में तैयार रखने को कहा गया है।
बैठक में जनपद के सभी छोटे-बड़े पुलों और पुलियों के निरीक्षण के आदेश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि जर्जर हो चुकी संरचनाओं को तत्काल दुरुस्त किया जाए ताकि भारी वर्षा के दौरान कोई अप्रिय घटना न हो। साथ ही, उन्होंने एक कंक्रीट प्रिपेरेडनेस प्लान तैयार करने के निर्देश दिए, जिसमें सुरक्षित स्थानों की सूची और मशीनरी की जीपीएस ट्रैकिंग का ब्यौरा शामिल होगा।
बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी, परियोजना निदेशक आशीष पुनेठा, जिला विकास अधिकारी रामा गोस्वामी सहित पुलिस, विद्युत और जल संस्थान के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
