हेल्पलाइन की शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं: डीएम

DTN चम्पावत। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के क्रम में जिलाधिकारी मनीष कुमार ने आज जिला कार्यालय सभागार में जनपद स्तरीय अधिकारियों के साथ मुख्यमंत्री हेल्पलाइन-1905 की समीक्षा बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को लंबित शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर पारदर्शी, गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन आमजन की समस्याओं के समाधान का महत्वपूर्ण माध्यम है। प्रत्येक अधिकारी शिकायत को संवेदनशीलता और जिम्मेदारी से लेते हुए उसका समाधान सुनिश्चित करे। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनसमस्याओं के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

उन्होंने कहा कि अपरिहार्य स्थिति में किसी शिकायत को फोर्स क्लोज किया जाता है तो शिकायतकर्ता को इसका स्पष्ट और सही कारण बताना अनिवार्य होगा। अधिकारियों को शिकायतकर्ताओं से लगातार संवाद बनाए रखने और उनकी संतुष्टि तक समस्या के समाधान के प्रयास करने के निर्देश दिए। डीएम ने अधिकारियों से कार्यालयों तक सीमित न रहकर फील्ड में सक्रिय रहने को कहा, ताकि समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया जा सके।

समीक्षा में बताया गया कि जिले में पुलिस विभाग की 10, लोक निर्माण विभाग की नौ, राजस्व की आठ, कृषि की सात, परिवहन की छह, भू-अभिलेख व पंचायती राज की पांच-पांच, यूपीसीएल की चार, वन व चिकित्सा विभाग की तीन-तीन तथा प्राथमिक शिक्षा व पेयजल निगम की दो-दो शिकायतें लंबित हैं। डीएम ने संबंधित अधिकारियों को इन शिकायतों के तत्काल निस्तारण में तेजी लाने के कड़े निर्देश दिए।

बैठक में अपर जिलाधिकारी कृष्ण नाथ गोस्वामी, परियोजना निदेशक अजय सिंह, उपजिलाधिकारी बीसी पंत, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. देवेश चौहान, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता मोहन चन्द्र पलड़िया सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।