नाबालिग को बहला-फुसलाकर अगवा करने वाले को दो साल की सजा

DTN पिथौरागढ़। पुलिस की प्रभावी विवेचना और अभियोजन पक्ष की सशक्त पैरवी के चलते नाबालिग बालिका को बहला-फुसलाकर अगवा करने के मामले में न्यायालय ने आरोपित को दोषसिद्ध करते हुए दो वर्ष के सश्रम कारावास और एक हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।

मामले में सात अक्टूबर 2024 को कोतवाली पिथौरागढ़ क्षेत्र निवासी एक व्यक्ति ने तहरीर दी थी। उन्होंने बताया कि उनकी नाबालिग पुत्री को मो. कैफ निवासी कृष्णापुरी, मूल निवासी खतौली, मुजफ्फरनगर बहला-फुसलाकर अगवा कर फरार हो गया। तहरीर के आधार पर पुलिस ने धारा 137(2) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया था।

मामले की विवेचना उपनिरीक्षक मीनाक्षी मनराल ने की। उन्होंने विवेचना पूरी कर 20 मई 2025 को आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक लोक अभियोजक रितेश वर्मा ने प्रभावी पैरवी की।

न्यायालय सिविल जज (सीडी)/न्यायिक मजिस्ट्रेट पिथौरागढ़ ने साक्ष्यों और प्रभावी पैरवी के आधार पर आरोपित को दोषसिद्ध पाते हुए दो वर्ष के सश्रम कारावास और एक हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया।