उत्तराखंड के मंदिरों में ऑनलाइन पूजा की बुकिंग करने की सोच रहे हैं तो हो जाए सावधान 

देहरादून। उत्तराखंड के मंदिरों में पूजा-अर्चना को अगर पर ऑनलाइन बुकिंग करने की सोच रहे हैं तो सावधान हो जाए। पूजा को लेकर सोशल मीडिया पर भ्रम फैलाया जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश के कई ऐसे मंदिरों में ऑनलाइन पूजा की बुकिंग कर ली जा रही है, जहां ऐसी कोई सुविधा ही नहीं है। इतना ही नहीं, मंदिरों को लेकर सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारी तक दी जा रही है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म मसलन-फेसबुक, इंस्टाग्राम पर इन दिनों विभिन्न नामों से उत्तराखंड के मंदिरों की तस्वीरों के साथ ऑनलाइन पूजा के प्रमोशन वीडियो प्रचारित किए जा रहे हैं। इसके जरिये घर बैठे ऑनलाइन पूजा कराने के पैकेज ऑफर किए जा रहे हैं। इस समय सावन का महीना चल रहा है तो नीलकंठ महादेव मंदिर से लेकर राहू पैठाणी मंदिर तक में ऑनलाइन पूजा के विकल्प दिए जा रहे हैं। इसके साथ ही प्रमुख शक्तिपीठ धारी देवी, सुरकंडा, चंद्रबदनी और पूर्णागिरि समेत तमाम मंदिरों को लेकर भी इस तरह के विकल्प उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इस तरह की पोस्ट पर स्थानीय लोगों की टिप्पणी भी आ रही है, जिसमें अधिकांश कह रहे हैं कि इन मंदिरों में ऑनलाइन पूजा की कोई व्यवस्था नहीं है। पौड़ी के पैठाणी स्थित मंदिर में ऑनलाइन राहु पूजा को लेकर स्थानीय पंडित दामोदर गोदियाल कहते हैं कि यहां लोग खुद आकर पूजा कराते हैं। अगर किसी को जप भी कराना है तो वे स्थानीय पंडित से संपर्क करते हैं। पर, यहां ऐसा कोई नहीं है, जो ऑनलाइन पूजा कराता हो। यह सब भ्रामक है और लोग ठगी का शिकार हो सकते हैं। सोशल मीडिया पर जो पैकेज ऑफर किए जा रहे हैं, उनमें ऑनलाइन पूजा के चार्ज 501रुपये से लेकर 10 हजार रुपये तक बताए जा रहे हैं।