मानस कॉलेज में एकेडेमिया-2025 सेमिनार का आयोजन, हिमालय की गौरवमयी भव्यता पर विशेष चर्चा

पिथौरागढ़। क मानस कॉलेज में एकेडेमिया-2025 सेमिनार का आयोजन किया गया, जिसमें हिमालय की गौरवमयी भव्यता के विषय पर विशेष चर्चा हुई। सेमिनार में फ्री यूनिवर्सिटी बर्लिन, जर्मनी के प्रोफेसर हरमन क्रयूजमन ने मुख्य वक्ता के रूप में अपने विचार रखे।

प्रोफेसर हरमन ने कहा कि दुनिया भर में पर्वतीय क्षेत्र प्रायः हाशिए पर रहे हैं, लेकिन कुछ राज्यों ने अब उन्हें केंद्र में रखना शुरू किया है। उन्होंने बताया कि पर्वतीय क्षेत्रों को सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़ा मानकर उनके बुनियादी ढांचे, संचार सुविधाओं और ग्रामीण विकास की अनदेखी की गई है।

पद्मश्री प्रख्यात इतिहासकार प्रो० शेखर पाठक ने भी हिमालयी क्षेत्र की जैव विविधता और वहाँ के निवासियों द्वारा झेली जा रही समस्याओं पर अपने विचार रखे। उन्होंने सरकारों से मौजूदा परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए नई और प्रभावी नीतियों को लागू करने की अपील की।

इस अवसर पर मानस कॉलेज के नव स्थापित “मंथन सभागार” का लोकार्पण भी किया गया। समारोह में प्रो० जितेन्द्र लोहनी, प्रो० पी०सी० पाण्डे एवं शिक्षाविद डा० अशोक कुमार पंत की पुस्तक “भारतीय मध्य हिमालय में जल : संस्कृति एवं आर्थिकी” का भी लोकार्पण हुआ। इस अवसर पर प्रो० सरोज वर्मा की किताब का भी विमोचन हुआ।