लद्दाख की आवाज दबाने का आरोप, सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी पर सीमांत यूथ मोर्चा का आक्रोश

पिथौरागढ़। इंजीनियर, इनोवेटर, शिक्षा सुधारक और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत गिरफ्तार किए जाने के विरोध में सीमांत यूथ मोर्चा (सीयूमो) ने पिथौरागढ़ के सिमलगैर बाजार में केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। सीयूमो के युवा कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि लद्दाख की जनता की “जायज मांगों” के लिए लोकतांत्रिक तरीके से विरोध कर रहे वांगचुक को गिरफ्तार करके मोदी सरकार ने “गलत तरीका” अपनाया है, जिसकी उन्होंने कड़े शब्दों में निंदा की।

सीयूमो के अध्यक्ष नरेन्द्र ग्वाल के नेतृत्व में एकत्रित हुए नौजवानों ने वांगचुक को “युवाओं का प्रेरणा स्रोत” बताते हुए उनकी गिरफ्तारी को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला करार दिया। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
नरेन्द्र ग्वाल ने मीडिया से बात करते हुए साफ कहा कि सोनम वांगचुक लेह-लद्दाख की जनता के लिए एक सकारात्मक पहल कर रहे थे। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि सरकार को वांगचुक और लद्दाखी जनता से बातचीत करनी चाहिए थी, लेकिन ऐसा न करके उन्हें एनएसए जैसे सख्त कानून के तहत गिरफ्तार करना अलोकतांत्रिक है।
ग्वाल ने केंद्र सरकार को सीधी चुनौती देते हुए कहा, “हम विरोध करते हैं और केंद्र सरकार को यह चुनौती देते हैं कि वह जल्दी उन्हें छोड़ दे और उन पर लगे कानून को हटा दे अन्यथा सीमांत की जनता सड़कों पर उतरेगी।”
पार्षद सुशील खत्री ने इस कार्रवाई को लद्दाख की जनता के साथ “छल” करार दिया। उन्होंने कहा, “केंद्र सरकार को बातचीत करनी चाहिए थी, लद्दाख की जनता को विश्वास में लेना चाहिए था, लेकिन ऐसा न करके उन्होंने अपना चाल और चरित्र दिखाकर लद्दाख की जनता के साथ छल किया है।” उन्होंने वांगचुक की शीघ्र रिहाई की मांग दोहराई।
हस्ताक्षर अभियान की तैयारी
सीयूमो अध्यक्ष ग्वाल ने कहां सोनम वांगचुक की रिहाई की मांग को लेकर जल्द ही एक हस्ताक्षर अभियान भी चलाया जाएगा।

विरोध प्रदर्शन में सीयूमो के जिला सचिव जनार्दन पंत, उत्तराखंड छात्र मोर्चा के जिला संयोजक शशांक उपाध्याय, राहुल खत्री, इमरान अली, ध्रुव धामी, विजय लोहनी, अमित कुमार, सुरेन्द्र और जीवन जोशी सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।