क्वीतड़ के बच्चों की बदलेगी तकदीर। एसएसबी ने शुरू की ‘डिजिटल पाठशाला’, 35 छात्रों को 7 दिन की कंप्यूटर ट्रेनिंग

पिथौरागढ़। सीमावर्ती क्षेत्रों के युवाओं को डिजिटल युग से जोड़ने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सशस्त्र सीमा बल (SSB) ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। 55वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल पिथौरागढ़ ने वाइब्रेंट गांव क्वीतड़ के राजकीय इंटर कॉलेज में 35 छात्र-छात्राओं के लिए सात दिवसीय बुनियादी कंप्यूटर ज्ञान प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया है।
वाहिनी के कमांडेंट आशीष कुमार के निर्देशन और सहायक कमांडेंट (संचार) नीरज चौहान की उपस्थिति में यह कार्यक्रम सीमा चौकी क्वीतड़ के तहत नागरिक कल्याण कार्यक्रम के अंतर्गत शुरू किया गया है। इसमें आराध्या रूरल डेवलपमेंट सोसाइटी, पिथौरागढ़ का भी सौहार्दपूर्ण सहयोग मिल रहा है।
तकनीकी दक्षता से मिलेगी आत्मनिर्भरता
इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य सीमावर्ती और ग्रामीण युवाओं को कंप्यूटर के बुनियादी ज्ञान से परिचित कराना है। छात्रों को डिजिटल शिक्षा से जोड़कर तकनीकी रूप से सक्षम बनाना है, ताकि वे भविष्य में आत्मनिर्भर बन सकें। प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों को कंप्यूटर के मूलभूत कार्य, इंटरनेट का उपयोग, ई-मेल, टाइपिंग, डिजिटल दस्तावेज़ प्रबंधन और विभिन्न ऑनलाइन सेवाओं के बारे में व्यावहारिक शिक्षा दी जाएगी।
सफलता की पहली सीढ़ी है कंप्यूटर ज्ञान:  सहायक कमांडेंट (संचार) नीरज चौहान ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि, “आज के डिजिटल युग में कंप्यूटर का ज्ञान किसी भी क्षेत्र में सफलता की पहली सीढ़ी है।” उन्होंने जोर देकर कहा कि एसएसबी केवल सीमाओं की सुरक्षा तक ही सीमित नहीं है, बल्कि सीमावर्ती नागरिकों के सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक विकास के लिए भी निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने छात्रों से मेहनत और अनुशासन के साथ प्रशिक्षण में भाग लेने का आग्रह किया।
इस अवसर पर आराध्या रूरल डेवलपमेंट सोसाइटी के संस्थापक आनंद पाण्डेय और प्रधानाचार्य कैलाश चन्द्र पाण्डेय सहित सम्मानित शिक्षक-शिक्षिकाएं और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। स्थानीय विद्यालय के प्रधानाचार्य, शिक्षकगण और ग्रामवासियों ने एसएसबी के इस जनोन्मुखी प्रयास की सराहना की।