पिथौरागढ़। जनपद में औद्योगिक विकास को गति देने और उद्यमियों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला उद्योग मित्र समिति की बैठक संपन्न हुई। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में उद्योगों के प्रोत्साहन से जुड़े विभिन्न अनुदानों और प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, जिससे जिले के छोटे और मध्यम उद्योगों को बड़ा संबल मिलेगा।
बैठक का शुभारंभ करते हुए जिला उद्योग केंद्र की महाप्रबंधक कविता भगत ने जिलाधिकारी व उपस्थित सदस्यों का स्वागत किया और जनपद में संचालित योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। बैठक के दौरान सरकार की रियायती योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। समिति ने गहन विचार-विमर्श के बाद 10 प्रतिशत ब्याज अनुदान योजना के अंतर्गत 13 महत्वपूर्ण मामलों को अपनी अनुशंसा प्रदान की। इसके साथ ही उद्यमियों को वित्तीय राहत देने के लिए 40 प्रतिशत पूंजीगत अनुदान और 75 प्रतिशत विद्युत अनुदान योजना के एक-एक मामले को भी हरी झंडी दी गई।
निवेश की प्रक्रिया को सरल बनाने की दिशा में प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। बैठक में सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से प्राप्त 43 आवेदनों को सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान की गई। इसके अतिरिक्त, पांच आवेदनों में कॉमन एप्लीकेशन फॉर्म आईडी के नाम संशोधन संबंधी प्रस्तावों पर भी सहमति बनी। जनपद की हस्तशिल्प प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए उत्तराखंड राज्य शिल्प रत्न पुरस्कार हेतु दो आवेदनों को अंतिम अनुमोदन दिया गया।
औद्योगिक बुनियादी ढांचे को लेकर भी बैठक में अहम निर्णय लिया गया। यूपीसीएल के अधिकारियों ने अवगत कराया कि मिनी औद्योगिक आस्थान, बिण में लंबे समय से लंबित विद्युत पोलों की शिफ्टिंग का कार्य आगामी एक सप्ताह के भीतर शुरू कर दिया जाएगा। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि उद्यमियों की समस्याओं का निस्तारण समयबद्ध तरीके से किया जाए ताकि निवेश के अनुकूल माहौल बना रहे।

बैठक में लीड बैंक प्रबंधक एनआर जोहरी, वन विभाग के एसडीओ राजकुमार समेत अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।
