कांडा तहसील के औचक निरीक्षण में मिलीं कई खामियां, तहसीलदार सहित कर्मचारियों के वेतन पर रोक

कांडा (बागेश्वर)। जिलाधिकारी आकांक्षा कोंडे ने आज तहसील कांडा का औचक निरीक्षण कर कार्यालय व्यवस्था, अभिलेखों के रख-रखाव और कर्मचारियों की उपस्थिति की गहन जांच की। निरीक्षण के दौरान कई अनियमितताएं सामने आने पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताते हुए तहसीलदार से लेकर अनुपस्थित कर्मचारियों के वेतन आहरण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने तथा स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने उपस्थिति पंजिका, प्रेषण रजिस्टर, पत्र प्राप्ति रजिस्टर सहित विभिन्न अभिलेखों का परीक्षण किया। इस दौरान कार्यालयीय कार्यों में लापरवाही और कर्मचारियों की अनुपस्थिति सामने आई। इस पर जिलाधिकारी ने जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने तहसील परिसर स्थित नियंत्रण कक्ष का भी निरीक्षण किया, जहां व्यवस्थाएं संतोषजनक नहीं पाई गईं। नियंत्रण कक्ष का दूरभाष भी कार्य नहीं कर रहा था, जिस पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए तत्काल व्यवस्था दुरुस्त करने को कहा। साथ ही ड्यूटी पर तैनात होमगार्ड कर्मियों के संबंध में भी आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

निरीक्षण के दौरान प्रभारी तहसीलदार के कार्यालय में देर से पहुंचने पर जिलाधिकारी ने असंतोष व्यक्त किया और उनके वेतन रोकने के साथ स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। आरके अनुभाग में अभिलेखों की जांच करते हुए उन्होंने विभिन्न पंजिकाओं तथा आपदा मद से वितरित धनराशि से संबंधित दस्तावेजों का परीक्षण किया। इसके अलावा जीपीएफ और सेवा पुस्तिकाओं के संधारण की स्थिति की भी समीक्षा की गई।

दस्तावेजों का समुचित संधारण न होने पर जिलाधिकारी ने बिलों और भुगतानों से जुड़े अभिलेखों की गहन जांच की। अलाव के लिए प्रयुक्त लकड़ी तथा कंबल वितरण से संबंधित बिलों का भी परीक्षण किया गया। पेशकार से केस डायरी का अवलोकन करते हुए जिलाधिकारी ने सभी लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

तहसील परिसर में साफ-सफाई की व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं पाई गई, जिस पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल सुधार करने के निर्देश दिए। साथ ही निर्माणाधीन न्यायालय एवं आवासीय भवन का निरीक्षण कर कार्य की प्रगति तेज करने के निर्देश भी दिए।