DTN पिथौरागढ़। धारचूला क्षेत्र की एक नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में विशेष सत्र न्यायाधीश ने अभियुक्त को 10 वर्ष के कठोर कारावास और 80 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड जमा न करने पर दोषी को छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

पुलिस के अनुसार, 2 फरवरी 2025 को कोतवाली धारचूला में विकासनगर, देहरादून निवासी राजेश राणा के खिलाफ नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले जाने और उसके शारीरिक शोषण के आरोप में भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं तथा पॉक्सो अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने अभियुक्त को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
मामले की विवेचना उपनिरीक्षक मेघा शर्मा ने करते हुए 13 मई 2025 को आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। न्यायालय में अभियोजन पक्ष की प्रभावी पैरवी सहायक निदेशक अभियोजन राकेश चंद के मार्गदर्शन में लोक अभियोजक प्रेम सिंह भंडारी ने की।
सुनवाई पूरी होने के बाद आज विशेष सत्र न्यायाधीश धनंजय चतुर्वेदी ने अभियुक्त को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास और 80 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। इस फैसले को नाबालिगों के विरुद्ध अपराध करने वालों के लिए कड़ा संदेश माना जा रहा है।
