पिथौरागढ़। जनपद मुख्यालय पिथौरागढ़ में नजूल भूमि को फ्रीहोल्ड किए जाने की मांग एक बार फिर तेज हो गई है। नगर निगम पिथौरागढ़ के पार्षदों ने पुरानी बाजार क्षेत्र के पार्षद सुशील खत्री के नेतृत्व में दायित्वधारी राज्यमंत्री, उत्तराखण्ड सरकार गणेश भंडारी को ज्ञापन सौंपकर वर्षों से लंबित नजूल भूमि फ्रीहोल्ड मामलों के शीघ्र निस्तारण की मांग की है।

पार्षदों ने बताया कि नगर पिथौरागढ़ में नजूल भूमि से जुड़े फ्रीहोल्ड प्रकरण लंबे समय से लंबित पड़े हुए हैं। नजूल पट्टाधारकों द्वारा करीब 15 से 20 वर्ष पूर्व शासन द्वारा निर्धारित धनराशि चालान के माध्यम से राजकीय कोष में जमा कर दी गई थी, लेकिन इसके बावजूद आज तक उन्हें भूमि का मालिकाना हक नहीं मिल पाया है। इससे नगर के सैकड़ों परिवार प्रभावित हो रहे हैं।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि नगर क्षेत्र में नजूल भूमि पर निर्मित अधिकांश आवासीय एवं अनावासीय भवन लगभग 70 से 80 वर्ष पुराने हो चुके हैं, जिनकी स्थिति वर्तमान में काफी जर्जर है। कई भवन स्वामी एवं पट्टाधारक अपने भवनों का पुनर्निर्माण या नव निर्माण कराना चाहते हैं, लेकिन फ्रीहोल्ड अथवा मालिकाना हक के अभाव में वे निर्माण कार्य कराने में असमर्थ हैं।
पार्षदों ने राज्यमंत्री से जनहित को ध्यान में रखते हुए शासन स्तर पर नजूल भूमि फ्रीहोल्ड नीति को पुनः लागू कराने अथवा खोलने के लिए आवश्यक पहल करने का अनुरोध किया, ताकि पट्टाधारकों को उनका वैधानिक अधिकार मिल सके और नगर में सुरक्षित एवं नियोजित निर्माण संभव हो सके।
ज्ञापन सौंपने वालों में पार्षद करन सिंह, नीरज जोशी, नीतू टम्टा, नवीन लाल वर्मा एवं नीरज कोठारी शामिल रहे।
