कनालीछीना से होगी अनूठी शुरुआत, बेटियों के नाम से पहचाने जाएंगे घर

पिथौरागढ़। जिलाधिकारी आशीष भटगांई की पहल पर जनपद में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत बालिका जन्म को प्रोत्साहित करने, महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने और समाज में सकारात्मक सोच विकसित करने के उद्देश्य से एक अभिनव कार्यक्रम “मेरी चेली म्यार घरै पछयांण” की शुरुआत की जा रही है। इस अनूठी पहल का शुभारम्भ कनालीछीना विकासखण्ड से किया जाएगा।

कार्यक्रम के तहत बालिका के जन्म पर संबंधित परिवार के घर की पहचान बालिका के नाम से की जाएगी। महिला एवं बाल विकास विभाग, पिथौरागढ़ द्वारा बालिका के नाम की विशेष पट्टिका परिवार को उपलब्ध कराई जाएगी, जिसे घर के बाहर लगाया जाएगा। इसका उद्देश्य बालिका के प्रति गर्व और सम्मान की भावना को मजबूत करना तथा समाज में यह संदेश देना है कि बेटियां परिवार और समाज की शान हैं।

जिलाधिकारी भटगांई  ने बताया कि जनपद में महिलाओं का लिंगानुपात पुरुषों की तुलना में कम है, वहीं बालकों की अपेक्षा बालिकाओं का लिंगानुपात भी चिंताजनक स्थिति को दर्शाता है। ऐसे में यह कार्यक्रम बालिका जन्म को बढ़ावा देने, कन्या भ्रूण हत्या जैसी कुप्रथाओं पर प्रभावी रोक लगाने और लैंगिक समानता को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

उन्होंने कहा कि इस पहल के माध्यम से आमजन को बालिकाओं के अधिकारों, शिक्षा, स्वास्थ्य और सम्मान के प्रति जागरूक किया जाएगा तथा समाज में यह स्पष्ट संदेश दिया जाएगा कि बेटी किसी से कम नहीं है।

जिला प्रशासन ने जनप्रतिनिधियों, स्वयंसेवी संगठनों और आम नागरिकों से इस अभियान में सक्रिय सहभागिता की अपील की है, ताकि बेटियों के प्रति सकारात्मक माहौल तैयार हो सके और पिथौरागढ़ जनपद को बालिका संरक्षण एवं संवर्धन के क्षेत्र में एक नई पहचान मिल सके।