DTN पिथौरागढ़। सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के महानिदेशक संजय सिंघल ने 28 से 31 मई तक 11वीं और 55वीं वाहिनी, पिथौरागढ़ का चार दिवसीय भ्रमण कर सीमावर्ती क्षेत्रों की सुरक्षा व्यवस्था, प्रशासनिक गतिविधियों और विकास कार्यों का जायजा लिया। उनके आगमन पर वाहिनी मुख्यालय में पारंपरिक सैन्य रीति-रिवाजों के अनुरूप भव्य स्वागत किया गया तथा सुसज्जित परेड दल द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।

भ्रमण के दौरान महानिदेशक ने सीमाचौकी जौलजीबी का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था, गश्ती प्रणाली, संचार तंत्र और उपलब्ध संसाधनों की समीक्षा की। उन्होंने सीमावर्ती क्षेत्रों में विषम परिस्थितियों के बीच ड्यूटी निभा रहे अधिकारियों और जवानों से संवाद कर उनकी समस्याएं, सुझाव और अनुभव सुने। उन्होंने जवानों के साहस, सतर्कता और कर्तव्यनिष्ठा की सराहना करते हुए कहा कि सीमाओं पर तैनात जवान राष्ट्र की सुरक्षा के प्रथम प्रहरी हैं।
महानिदेशक ने वाहिनी मुख्यालय में चल रहे निर्माण एवं अधोसंरचना विकास कार्यों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने आवासीय भवनों, प्रशासनिक कार्यालयों और प्रशिक्षण स्थलों की प्रगति की समीक्षा करते हुए गुणवत्ता मानकों का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी विकास कार्य निर्धारित समयसीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं, ताकि जवानों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
सैनिक सम्मेलन को संबोधित करते हुए महानिदेशक ने अधिकारियों और जवानों की समस्याओं को सुना तथा उनके समाधान का आश्वासन दिया। उन्होंने जवानों से अनुशासन, समर्पण, पेशेवर दक्षता और मानवीय संवेदनशीलता बनाए रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि परिवारों से दूर रहकर कठिन परिस्थितियों में देश सेवा करना अत्यंत सराहनीय कार्य है।
पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए महानिदेशक ने वाहिनी परिसर में पौधारोपण भी किया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है और सुरक्षा बलों को इस दिशा में अग्रणी भूमिका निभानी चाहिए।
संदीक्षा परिवार ने किया आत्मीय स्वागत
इधर, संदीक्षा अध्यक्षा कविता सिंघल के 55वीं वाहिनी पहुंचने पर संदीक्षा उपाध्यक्षा प्रियंका प्रामाणिक ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया। इस अवसर पर उत्तराखंड के पारंपरिक छोलिया नृत्य की आकर्षक प्रस्तुति ने कार्यक्रम में सांस्कृतिक रंग भर दिए।
कविता सिंघल ने दीप प्रज्ज्वलित कर सांस्कृतिक कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में संदीक्षा परिवार की महिलाओं और बच्चों ने विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इसके साथ ही वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया।
