बारिश के बीच पिथौरागढ़ में 18 सड़कें बंद, काली नदी चेतावनी स्तर से ऊपर पहुंची

धारचूला में सर्वाधिक 44.6 मिमी वर्षा, सीमांत क्षेत्रों में प्रशासन अलर्ट, राहत कार्य जारी

DTN पिथौरागढ़। जिले में आज सुबह तक हुई वर्षा के बाद जनजीवन आंशिक रूप से प्रभावित रहा। प्रशासन की ओर से जारी सुबह 8 बजे की रिपोर्ट के अनुसार जिले में 18 सड़कें अभी भी बंद हैं, जिनमें तीन बॉर्डर सड़कें और 15 ग्रामीण मोटर मार्ग शामिल हैं। दूसरी ओर धारचूला में काली नदी का जलस्तर चेतावनी स्तर से ऊपर पहुंचने से प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है। हालांकि नदी अभी खतरे के निशान से नीचे बह रही है।

जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार आज सुबह तक धारचूला में सर्वाधिक 44.6 मिमी वर्षा दर्ज की गई। इसके अलावा बंगापानी में 35 मिमी, कनालीछीना में 19 मिमी, तेजम में 14 मिमी, देवलथल में 6 मिमी, मुनस्यारी में 4.2 मिमी, पिथौरागढ़ में 4 मिमी, बेरीनाग में 3 मिमी तथा डीडीहाट में 2 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। गणाई गंगोली, गंगोलीहाट और थल में वर्षा नहीं हुई। जिले में मौसम हल्की धूप और हल्के बादलों वाला बना रहा।

प्रशासन की सड़क स्थिति रिपोर्ट के अनुसार बीआरओ की तवाघाट-गूंजी, धारचूला-तवाघाट और मुनस्यारी-मिलम सड़कें सहित कुल 18 मार्ग विभिन्न स्थानों पर मलबा और भूस्खलन के कारण बंद हैं। संबंधित विभागों की मशीनें मार्ग खोलने में जुटी हैं और अधिकांश सड़कें रविवार शाम तक खोलने का लक्ष्य रखा गया है। कुछ मार्गों पर वॉशआउट होने के कारण बहाली में अधिक समय लग सकता है।

जलस्तर रिपोर्ट के अनुसार धारचूला में काली नदी का जलस्तर 889.30 मीटर दर्ज किया गया, जबकि चेतावनी स्तर 889.00 मीटर और खतरे का स्तर 890.00 मीटर है। नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, जिससे प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

वहीं जौलजीबी में गोरी नदी 604.40 मीटर पर स्थिर बनी हुई है, जो चेतावनी स्तर से नीचे है। मदकोट में गोरी नदी का जलस्तर 1211.95 मीटर दर्ज किया गया, जहां जलस्तर में गिरावट का रुख देखा गया और यह भी खतरे के निशान से नीचे है।

प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने, बंद मार्गों पर आवाजाही न करने तथा मौसम और आपदा प्रबंधन विभाग की आधिकारिक सूचनाओं का पालन करने की अपील की है। सड़कों को शीघ्र खोलने के लिए संबंधित विभागों की टीमें लगातार राहत एवं बहाली कार्य में जुटी हुई हैं।