DTN पिथौरागढ़। अस्कोट क्षेत्र में नाबालिग छात्रा के साथ दुष्कर्म और उसके गर्भवती होने के मामले की जांच में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। लंबे समय से चल रही तलाश के बाद पुलिस ने अस्कोट से करीब 35 किलोमीटर दूर खलगाड़ गधेरे के समीप दुर्गम जंगल क्षेत्र से भ्रूण के अवशेष बरामद किए हैं। पुलिस का कहना है कि इस बरामदगी से मामले की जांच को महत्वपूर्ण आधार मिला है और अब वैज्ञानिक साक्ष्यों के जरिए जांच को आगे बढ़ाया जाएगा।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अक्षय प्रहलाद कोंडे के निर्देश पर क्षेत्राधिकारी डीडीहाट उमेश मलिक के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई थी। टीम ने छात्रा द्वारा जन्म दिए गए भ्रूण की तलाश के लिए व्यापक खोज अभियान चलाया। अभियान में एसएसबी डॉग स्क्वायड, फॉरेंसिक विशेषज्ञों और विभिन्न थानों की पुलिस टीमों को लगाया गया था।
तलाशी अभियान के दौरान पुलिस टीम ने खलगाड़ गधेरे के निकट जंगल क्षेत्र से भ्रूण के अवशेष बरामद किए। मौके पर पहुंची फॉरेंसिक टीम ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए अवशेषों को सुरक्षित रूप से सील कर कब्जे में ले लिया। पुलिस अब बरामद साक्ष्यों का वैज्ञानिक परीक्षण कराकर मामले से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्यों को सामने लाने की तैयारी में है।
पुलिस के अनुसार मामले की जांच निष्पक्ष और वैज्ञानिक तरीके से की जा रही है। बरामद साक्ष्य जांच को और मजबूत बनाने में सहायक साबित होंगे। प्रकरण में नियमानुसार सभी कानूनी कार्रवाई की जा रही है और प्रत्येक पहलू की गहनता से जांच की जा रही है।
खोज अभियान में क्षेत्राधिकारी डीडीहाट उमेश मलिक, प्रभारी निरीक्षक एसओजी नीरज भाकुनी, थानाध्यक्ष अस्कोट सुरेश कम्बोज, थानाध्यक्ष थल प्रकाश पाण्डेय, विवेचक उपनिरीक्षक मीनाक्षी देव, उपनिरीक्षक बसंत पंत सहित कनालीछीना, डीडीहाट और अन्य पुलिस इकाइयों के अधिकारी-कर्मचारी शामिल रहे। अभियान में एसएसबी डॉग स्क्वायड और फॉरेंसिक टीम ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस की इस कार्रवाई को मामले की जांच में एक अहम उपलब्धि माना जा रहा है।
