DTN पिथौरागढ़। आंगनबाड़ी संगठन की प्रदेश अध्यक्ष दीपा पांडे ने प्रदेश की बाल विकास मंत्री रेखा आर्या के हालिया बयान पर कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि मंत्री द्वारा सोशल मीडिया पर जारी वीडियो में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की कार्यशैली पर सवाल उठाना और आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन व रजिस्टर रखरखाव को लेकर कार्रवाई की बात कहना कर्मचारियों का मनोबल गिराने वाला है।

दीपा पांडे ने कहा कि मंत्री के बयान के बाद प्रदेशभर की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। उनका कहना है कि कार्यकर्ता न्यूनतम मानदेय पर केवल आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन ही नहीं कर रही हैं, बल्कि सरकार की विभिन्न योजनाओं और विभागीय अतिरिक्त जिम्मेदारियों का भी निर्वहन कर रही हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि मार्च माह से अब तक आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को मानदेय का भुगतान नहीं हुआ है, जिससे वे आर्थिक संकट का सामना कर रही हैं। इसके बावजूद सरकारी कार्यक्रमों में केंद्रों का संचालन छोड़कर उन्हें अनिवार्य रूप से बुलाया जाता है, जिससे कार्य प्रभावित होता है।
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि ऐसी परिस्थितियों के बावजूद मंत्री का बयान दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि वर्तमान मानदेय सम्मानजनक नहीं है और कार्य के दौरान महिलाओं की सुरक्षा की भी कोई ठोस व्यवस्था नहीं है। इन मुद्दों को लेकर संगठन लगातार सरकार से मांग करता रहा है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
दीपा पांडे ने कहा कि यदि सरकार का रवैया इसी प्रकार बना रहा तो आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सामूहिक इस्तीफा देने जैसे कठोर कदम पर भी विचार करने को मजबूर हो सकती हैं। उन्होंने सरकार से आंगनबाड़ी कर्मचारियों की समस्याओं का शीघ्र समाधान करने और सम्मानजनक व्यवहार अपनाने की मांग की।
