DTN पिथौरागढ़। जौलजीबी क्षेत्र में नाबालिग को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाने और उसके साथ दुष्कर्म करने के मामले में विशेष सत्र न्यायाधीश (पॉक्सो) धनंजय चतुर्वेदी की अदालत ने आरोपित मुकेश कुमार को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने उस पर कुल 17 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। फैसला सात अक्टूबर 2026 को सुनाया गया।

अभियोजन के अनुसार छह जून 2024 को नाबालिग घर से स्कूल की मार्कशीट लेने के लिए निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। परिजनों ने तलाश शुरू की तो पता चला कि जौलजीबी के एक होटल में काम करने वाला लखीमपुर खीरी निवासी मुकेश कुमार उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया है। मामले में जौलजीबी थाने में मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार किया।
पुलिस चेकिंग में कैंटर से बरामद हुई थी नाबालिग
अदालत में दिए गए साक्ष्यों के अनुसार तलाश के दौरान पुलिस ने ऐंचोली बैरियर पर पिथौरागढ़ से टनकपुर की ओर जा रहे एक कैंटर को रोककर जांच की। वाहन में नाबालिग आरोपित मुकेश के साथ मिली। पुलिस ने उसे बरामद कर परिजनों के सुपुर्द किया। यह बरामदगी सात जून 2024 को दोपहर करीब 3:50 बजे हुई थी।
मामले की जांच के बाद पुलिस ने आरोपित के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धाराओं 354, 363, 366, 376 तथा पॉक्सो एक्ट की धाराओं के तहत आरोप पत्र दाखिल किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन ने नौ गवाहों और विभिन्न दस्तावेजी साक्ष्यों को अदालत के सामने पेश किया।
अदालत ने सुनवाई के दौरान नाबालिग की उम्र से जुड़े दस्तावेजों के आधार पर घटना के समय उसकी उम्र 17 वर्ष तीन माह 28 दिन पाई। यानी वह 18 वर्ष से कम उम्र की थी।
अदालत ने भारतीय दंड संहिता की धारा 376(2)(द) के तहत दोषी को 10 वर्ष के कठोर कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने, धारा 363 के तहत दो वर्ष के कठोर कारावास और दो हजार रुपये जुर्माने तथा धारा 366 के तहत सात वर्ष के कठोर कारावास और पांच हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया। जुर्माना न देने पर अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
