बच्चों तक पहुंचा नशा, प्रशासन सख्त; अवैध खेती और तस्करी पर कड़ा शिकंजा

पिथौरागढ़। जनपद में नशे के बढ़ते दायरे को लेकर प्रशासन सख्त हो गया है। कलेक्ट्रेट सभागार में हुई बैठक में जिलाधिकारी आशीष कुमार भटगांई ने साफ कहा कि अवैध मादक पदार्थों की खेती और कारोबार पर अब कड़ा प्रहार किया जाएगा।

बैठक में सामने आया कि विषाण, चंडाक और आठगांव क्षेत्रों में स्कूली बच्चों तक चरस पहुंचने की सूचना मिली है। इस पर जिलाधिकारी ने गहरी चिंता जताते हुए शिक्षा विभाग, पुलिस और बाल संरक्षण इकाइयों को संयुक्त अभियान चलाने के निर्देश दिए। स्कूलों में जागरूकता अभियान और अभिभावकों के साथ संवाद कार्यक्रम भी होंगे।

पुलिस अधीक्षक अक्षय कोंडे ने बताया कि जनपद में सक्रिय ड्रग नेटवर्क के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी है। हाल ही में चरस और स्मैक की बड़ी खेप बरामद कर कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने कहा कि अब तस्करों पर आर्थिक कार्रवाई भी की जा रही है। बैंक खाते फ्रीज करने के साथ अवैध संपत्तियों की कुर्की और ध्वस्तीकरण तक की कार्रवाई हो रही है।

सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने के साथ मेडिकल स्टोर्स पर भी सख्ती की जा रही है। बिना पर्ची दवाओं की बिक्री पर नियंत्रण किया जा रहा है। आमजन के लिए मानस हेल्पलाइन 1933 भी सक्रिय है।

प्रशासन के अनुसार, कुछ क्षेत्रों में कृषि भूमि की कमी के चलते भांग की खेती बढ़ रही है, जिसे रोकने के लिए वन विभाग को विशेष निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।

आंकड़ों के अनुसार, कोटपा एक्ट के तहत जनवरी से मार्च 2026 तक 556 चालान कर 34,970 रुपये वसूले गए हैं। वहीं नशे में वाहन चलाने पर इस साल 31 मार्च तक 82 वाहन सीज किए जा चुके हैं।

जनपद में अब तक 258 जागरूकता कार्यक्रमों के जरिए 10 हजार से अधिक लोगों को नशे के खिलाफ जागरूक किया गया है। युवाओं को जोड़ने के लिए खेल प्रतियोगिताएं और अभियान भी चलाए जाएंगे। नशामुक्ति केंद्र खोलने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि नशे से जुड़ी किसी भी जानकारी को तुरंत पुलिस या हेल्पलाइन 1933 पर दें।