चम्पावत/बनबसा। जनपद में नशीली एवं प्रतिबंधित दवाओं की अवैध बिक्री पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से औषधि विभाग ने बनबसा क्षेत्र में सघन निरीक्षण अभियान चलाया। जिलाधिकारी मनीष कुमार के निर्देश पर ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ के तहत हुई कार्रवाई में तीन मेडिकल स्टोरों की औषधि बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई।

औषधि निरीक्षक हर्षिता ने बनबसा क्षेत्र के गढ़ीगोठ स्थित विभिन्न मेडिकल स्टोरों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान कुल चार मेडिकल प्रतिष्ठानों की जांच की गई। जांच में ड्रग लाइसेंस की वैधता, औषधियों के स्टॉक, क्रय-विक्रय अभिलेख, कैश मैमो तथा सीसीटीवी कैमरों की कार्यशीलता की समीक्षा की गई।
निरीक्षण के दौरान एक मेडिकल स्टोर में गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर उसके लाइसेंस के निलंबन की संस्तुति की गई। वहीं दो अन्य प्रतिष्ठानों में सीसीटीवी रिकॉर्डिंग उपलब्ध नहीं मिली और औषधियों के क्रय-विक्रय संबंधी अभिलेखों का सत्यापन भी नहीं हो सका।
जनस्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए विभाग ने संबंधित तीनों मेडिकल स्टोरों की दवा बिक्री पर तत्काल रोक लगा दी है। साथ ही संबंधित फर्मों को पांच दिनों के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग ने चेतावनी दी है कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई की जाएगी।
औषधि निरीक्षक हर्षिता ने मेडिकल संचालकों को औषधि एवं सौंदर्य प्रसाधन अधिनियम-1940 तथा नियमावली-1945 का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रतिबंधित दवाओं की अवैध बिक्री पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
अभियान के दौरान विभिन्न औषधियों के चार नमूने भी जांच के लिए संग्रहित किए गए, जिन्हें परीक्षण हेतु प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। विभाग ने स्पष्ट किया कि जनस्वास्थ्य की सुरक्षा और नशे के खिलाफ जागरूकता को लेकर इस तरह की कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।
