ककराली गेट पर एएनपीआर कैमरों से कटेगा ओवरस्पीडिंग का चालान, खराब सड़कों पर बिफरे डीएम

चम्पावत। जनपद में सड़क सुरक्षा व्यवस्था को हाईटेक बनाने और मानसून के दौरान आपदा प्रबंधन की तैयारियों को लेकर जिलाधिकारी मनीष कुमार ने कड़ा रुख अपनाया है। जिला सभागार में आयोजित महत्वपूर्ण बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि अब ककराली गेट के पास जल्द ही स्वचालित नंबर प्लेट पहचान (एएनपीआर) कैमरे स्थापित किए जाएंगे। इन कैमरों के माध्यम से ओवरस्पीडिंग करने वाले वाहनों की स्वतः पहचान हो जाएगी और उनके विरुद्ध सीधे ऑनलाइन चालान की कार्रवाई की जाएगी, जिससे सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने टनकपुर और बनबसा क्षेत्र में एनएचएआई के अधीन सड़कों की खस्ताहाली पर गहरा असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने जिम्मेदार अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए अल्टीमेटम दिया कि आगामी 15 दिनों के भीतर सड़कों के सभी गड्ढे भर दिए जाएं और 25 दिनों के भीतर ओवरले का कार्य हर हाल में पूर्ण होना चाहिए। साथ ही उन्होंने उपजिलाधिकारी को निर्देशित किया कि वे नालियों की सफाई, कवर लगाने और झाड़ियों के कटान के कार्यों का स्वयं मौके पर जाकर स्थलीय निरीक्षण करें।
मानसून की चुनौतियों को देखते हुए जिलाधिकारी ने सभी सड़क निर्माण एजेंसियों को अपनी-अपनी सड़कों पर पर्याप्त संख्या में जेसीबी, पोकलेन और डंपर मशीनें तैनात रखने के निर्देश दिए ताकि भूस्खलन की स्थिति में त्वरित कार्रवाई कर मार्ग बहाल किया जा सके। इसके अतिरिक्त लोनिवि लोहाघाट को पंचेश्वर सड़क और लोनिवि चम्पावत को मंच सड़क पर सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने को कहा गया, जबकि पीएमजीएसवाई को कर्णकरायत-सुई मार्ग का निर्माण 15 जून तक पूर्ण करने की समय-सीमा दी गई है।
जिलाधिकारी ने एआरटीओ को जिले की समस्त सड़कों का सुरक्षा ऑडिट कर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने और सड़क किनारे रखी निर्माण सामग्री को तत्काल हटाने के आदेश भी दिए। बैठक में पुलिस अधीक्षक रेखा यादव, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. जी.एस. खाती, अपर जिलाधिकारी कृष्णनाथ गोस्वामी और मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. देवेश चौहान सहित विभिन्न विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।